राजस्थान में कौन आगे 22% रोगी ठीक हुए, इतनी है कुल संख्या?

-क्वारेंटाइन सजा नहीं सुरक्षा है, आमजन करें अनुशासन का पालन

जयपुर, 13 मार्च। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि क्वारेंटाइन सजा नहीं सुरक्षा है। आमजन इसका अनुशासन के साथ पालन करें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टर्स को क्वारेंटाइन के दौरान समय पर ब्रेकफास्ट, लंच व डिनर देने व अलग-अलग कमरे (लेट-बाथ सहित) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

डाॅ. शर्मा ने कहा कि खांसी-जुकाम या कोरोना के किसी भी लक्षण पाए जाने के बाद सेल्फ क्वारेंटाइन रहकर कोरोना पर आसानी से लगाम लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन रिकवरी पीरियड होता है, इसमें जितनी सावधानी बरती जाए उतना ही जल्दी फायदा मरीज को मिलता है।

22 फीसद मरीज हुए पाॅजीटिव से नेगेटिव
डाॅ. शर्मा ने कहा कि भले ही प्रदेश के 25 जिलों तक कोरोना पहुंच गया और संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन एक सुखद बात यह भी है अब तक 121 लोग पाॅजीटिव से नेगेटिव हो चुके हैं।

इनमें से 62 लोगों को तोे डिस्चार्ज भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए यह फख्र की बात है कि कुल संक्रमितों से से 22 फीसद मरीज उपचार के बाद पाॅजीटिव से नेगेटिव भी हो चुके हैं।

कोरोना के कुचक्र को तोड़ने के लिए ज्यादा सैंपलिंग जरूरी
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि रामगंज में कोरोना के कुचक्र को तोड़ने के लिए रूटिन सैंपलिंग के अलावा क्लसटर मैनेजमेंट सैंपलिंग भी की जा रही है। सरकार का जोर ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग पर है। उन्होंने कहा कि जितने ज्यादा टेस्ट होंगे उतना ही जल्दी हालात का आकलन कर काबू पाया जा सकेगा।

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आमजन अनुशासन में रहे
उन्होंने आमजन से प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि भीलवाड़ा में हम इसलिए कामयाब हो सके क्योंकि वहां के प्रशासन, चिकित्सा विभाग और पुलिस का जनता ने हर कदम पर साथ दिया।

लाॅकडाउन या कफ्र्यू के दौरान आमजन बिलकुल घर से ना निकलें। सरकार इस दौरान राशन, दूध व अन्य सुविधाएं उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है।

उन्होंने कहा कि आमजन अनुशासन में रखकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे तो हम इस महामारी को जल्द हरा सकेंगे।

बयानबाजी नहीं काम करने का समय
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए काम कर रही है। ऐसे में किसी भी विचारधारा के लोगों को बयानबाजी से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभी राजनीति करने का समय नहीं है। इस दौर में केवल और केवल यही सोचना चाहिए कि कैसे हम कोरोना से प्रदेश और देश को बचाया जाए।