टास्क फोर्स कमेटी ने कहा तबलीगी जमात के लोगों के कारण बिगड़े हैं राजस्थान में हालात

नेशनल दुनिया

राजस्थान में लगातार कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक मरीजों की संख्या 815 हो चुकी है, जबकि सबसे ज्यादा प्रभावित राजधानी जयपुर है। इसके साथ ही टोंक, बांसवाड़ा, झुंझुनू, जोधपुर, जैसलमेर जैसे जिले भी बड़े पैमाने पर कोरोनावायरस की चपेट में है।

इस बीच राजस्थान सरकार की तरफ से गृह सचिव (एसीएस) राजेंद्र स्वरूप की अध्यक्षता में गठित की गई टास्क फोर्स की रिपोर्ट भी आ गई है। टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राजस्थान में मरीजों की बढ़ती संख्या के लिए जिम्मेदार तबलीगी जमात के लोग हैं।

इसके साथ ही टास्क फोर्स के पांच बिंदुओं वाली सिफारिश की सरकार को सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि किस तरह से इन सिफारिशों को लागू करके तुरंत प्रभाव से कोरोनावायरस को रोकने के लिए काम कर सकती है।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में 5000 बेड हैं और 25000 टेस्ट किट हैं। हर दिन राज्य में 25000 टेस्ट रोज हो रहे हैं। हर विपदा से निपटने के लिए 5000 अस्पताल बेड तैयार हैं। इसके साथ ही टास्क फोर्स ने यह भी कहा है कि भीलवाड़ा में जो उपाय किए गए थे, वो राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किए जाने चाहिए

टास्क फोर्स ने यह बिंदु बताए हैं

1. सभी प्राइवेट लैब में जांच के लिए अधिकृत किया जाए।

2. अधिक से अधिक पीपीई किट और दवाई मंगवाई जानी चाहिए।

3. टेस्ट किट का राज्य में अधिक से अधिक उत्पादन किया जाए।

4. टेस्ट किट का ज्यादा से ज्यादा आयात किया जाए।

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5. केंद्र सरकार से अधिक मात्रा में पीपीई किट मंगवाए जाएं।

टास्क फोर्स में ये अधिकारी हैं शामिल-

टास्क फोर्स कमेटी में खुद राजीव स्वरूप के अलावा रोहित कुमार सिंह, सुबोध अग्रवाल, नरेशपाल गंगवार, अजिताभ गुप्ता, सिद्धार्थ महाजन और नीरज के पावन शामिल हैं।