बायतु की पन्नी गोदारा बनी मिसाल, घर पर मास्क बनाकर निशुल्क वितरित करने में जुटी।

  • बाड़मेर मेबकोरोना जंग से लड़ने के लिए बेटियां भी सहयोग कर रही है। दरअसल जिले की बेटियों द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वयं के स्तर पर मास्क तैयार कर निःशुल्क वितरण किये जा रहे है, वही यह बेटियां कोरोना जंग में घर पर पढ़ाई के साथ साथ मास्क तैयार कर कोरोना की लड़ाई में अपना सहयोग दे रही है।

माधुसिंह गोरा

बाड़मेर: जिले के बायतू उपखण्ड क्षेत्र के सगरमोणीयों गोदारों की ढाणी निवासी समाजसेवा का जज्बा रखने वाली बीए- बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा पन्नी गोदारा कोराना को हराने के लिए लॉक डाउन में समय का सदुपयोग कर रही हैं।

पन्नी लॉकडाउन में घर बैठकर लोगों की मदद कर रही है। घर से जरूरतमंदों के लिए कपड़े के मास्क बनाकर निःशुल्क वितरण कर रही है। गोदारा लगातार घर पर सिलाई मशीन के जरिये डबल लेयर, थ्री प्लेट्स कॉटन का सफेद व लाल कलर के मास्क बना रही है।मास्क बनातीं गोदारा

कपड़े के इस मास्क की खासियत है कि इसे पहनने के बाद धोकर प्रेस करने के बाद सेनेट्राइज कर फिर से लगा सकते हैं। जबकि बाजार में बिकने वाले मास्क एक बार लगाने के बाद दोबारा नहीं लगा सकते।

जबकि घरेलू मास्क बार-बार उपयोग में लिए जा सकते हैं। गोदारा ने अब तक 150 मास्क बनाकर जरुरतमंदो को वितरित किए हैं।

पापा की प्रेरणा और सहेलियों के साथ से बनाए कपड़े के मास्क।

गोदारा ने बताया कि कोरोना के चलते परीक्षाएं रद्द हो गई, ऐसे में घर पर खाली बैठे रहने से अच्छा है, जनसेवा में अपनी भागीदारी निभाई जाए।

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इसलिए सहेलियों के साथ से घर में मास्क बनाने शुरू किए और जरूरतमंदों को वितरित करने का बीड़ा उठाया।

पन्नी गोदारा व माडु ने घर में पड़े कपड़ो से दिन में 70 से 90 मास्क बना देते है। अभी इन्होंने 250 मास्क तैयार किए जो जरूरतमंद लोगों को बांटें जाएंगे।

पन्नी बताती है कि मुझे मास्क बनाने की प्रेरणा पिताजी तगाराम गोदारा से मिली। मेरे इस कार्य में माता व भाई व बहनों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

मिल रही हैं सराहना

छात्रा पन्नी गोदारा और माडु देवी के साथ उनके सहयोगियों द्वारा मास्क बनाकर मानवता की मिसाल पेश की जा रही हैं। साथ ही क्षेत्र के लोगों द्वारा इनके इस कार्य की सराहना भी की जा रही हैं।