केंद्र ने राजस्थान को 1888 करोड़ रुपये दिए हैं: डॉ पूनियां

-भारत सरकार की तरह प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी गरीब,किसान , मध्यम वर्ग को दे राहत – ड़ा. पूनियाँ
जयपुर , 10 अप्रेल।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ड़ा. सतीश पूनियाँ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से माँग की है कि लाक़डाउन के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा आमजन को दी गई अनेकों राहत- सुविधाओं की तरह ही प्रदेश सरकार भी जनता को राहत दे।


ड़ा.पूनियाँ ने कहा कि कोरोना संकट से उपजे हालात के बाद हुए लाकडाउन के निर्णय से जनता को होने वाली परेशानियों से उन्हें बचाने के लिए भारत सरकार ने अनेकों घोषणाएँ की है , जिससे प्रदेश की जनता को भी उनका लाभ मिल रहा है।

केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा में राजस्थान के लिए 2870 करोड़ रुपए की राशी जारी की गई , मनरेगा में न्यूनतम वेज राशी 182 रुपए थी जिसे बढ़ा कर 202 रुपए किया गया।

उज्जवला योजना में प्रदेश के 62 लाख 77 हज़ार लाभार्थियों को 750 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से 470 करोड़ रुपए की राशी के सिलेण्डर मुक्त दिए जा रहे है । प्रदेश में महिला मुखिया वाले 1 करोड़ 52 लाख जन-धन खातों में 500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से राशी डाली जा रही है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत इसी महीने प्रदेश के 37 लाख 20 हज़ार 415 किसानों को 2 हज़ार रुपए के हिसाब से 744 करोड़ 8 लाख 30 हज़ार रुपए की राशी आवंटित की गई है।

भारत सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया शमन निधि के तहत राजस्थान को 740 करोड़ रुपए की राशी आवंटित की है, व्रद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन धारकों को पेंशन के अलावा 500 रुपए दिए है, हेल्थवर्कर को 50 लाख का हेल्थकवर उपलब्ध करवाया, कोविड-19 के टीटमेंट एंव मेनेजमेंट के लिए हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग को मिलाकर राजस्थान को कुल 1888.13 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है।

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ड़ा. पूनियाँ ने कहा की इस बड़ी आपदा से लड़ने के लिए भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को 50 हज़ार पीपीई किट, 1 लाख एन-95 मास्क, 2 लाख ट्रिपल लेयर मास्क की ख़रीद के लिए 3 करोड़ 71 लाख 15 हज़ार रुपए की अतिरिक्त राशी स्वीकृत की है।

भारत सरकार ने प्रदेश के सभी बीपीएल कार्ड धारकों को तीन महीनों के लिए निशुल्क 5 क़िलों गेहूँ-चावल, 1 क़िलों दाल प्रति व्यक्ति देने की घोषणा की है, प्रदेश में खाद्य आपूर्ति की कमी ना हो इसके लिए 5 अप्रेल तक, 34 हज़ार मेट्रिक टन गेहूँ पहुँचा दिया गया है।

प्रदेश के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े ,इसके लिए और अनेकों घोषणाएँ भारत सरकार ने की है।


ड़ा. पूनियाँ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपील की है की ,इस विपरीत परिस्थिति में वे भी जन सामान्य को बिना भेदभाव के राज्य सरकार के स्तर पर राहत पहुँचायें। किसानों और उपभोक्ताओं के तीन महीने के बिजली- पानी के बिल स्थगित नहीं बल्कि माफ़ किए जायें।

क्योंकि लाक़डाउन के दौरान उनके आय के साधन भी बंद पड़े है , तीन महीने के बाद इस इकट्ठे हुए बिल को वो कहाँ से चुकाएँगे।

किसानों की खड़ी फ़सल की कटाई और फ़िर उसकी उचित मूल्य पर ख़रीद की व्यवस्था राज्य सरकार करें। सुखी राहत सामग्री और भोजन पैकेट बिना भेदभाव हर जरूरतमंद तक पहुँचे ,सरकार ये सुनिश्चित करे।