पूरे राजस्थान में लागू होगा भीलवाड़ा मॉडल

हमारा पूरा ध्यान ज्यादा से ज्यादा जांच करवाने पर है -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 05 अप्रेल।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर परेशान ना हों।

जितनी ज्यादा जांचें होंगी और पॉजीटिव मरीजों का पता चलेगा उतनी ही जल्दी इस महामारी पर नियंत्रण करने में कामयाब होंगे।

डॉ. शर्मा ने कहा कि हमारा पूरा ध्यान ज्यादा से ज्यादा जांच करवाने पर है। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में भी भारत सरकार से 10 लाख रैपिड टेस्टिंग किट जल्द भेजने को आग्रह किया है, ताकि जांचों में और अधिक गति मिल सके।

उन्होंने कहा कि लैबोरेट्रीज में ज्यादा से ज्यादा जांच करने में कारगर आरटीपीसीआर किट हमें पूरी मात्रा में मिल जाए तो हमारे प्रयासों को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में एड्स की जांचें की जाती है। उन केंद्रों पर भी 400-400 जांचें प्रतिदिन हो सकती हैं।

सरकार ने नाको को इसकी टेस्टिंग किट देकर अनुमति देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर कोरोना से लड़ रही है।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि भीलवाड़ा और रामगंज दोनों में भौगोलिक असमानता है। ऐसे में स्थानीय जरूरत के अनुसार रामगंज के लिए सरकार विशेष मॉडल पर काम कर रही है।

पूरे क्षेत्र को 30 क्लस्टर में बांटकर व्यापक स्तर पर सैंपलिंग का काम कर रही है, ताकि ग्रेविटी का पता चल सके। क्षेत्र मेें जितनी ज्यादा टेंस्टिंग होंगी उतनी ही जल्दी कोरोना पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के ज्यादातर केसेज 21 से 40 तक की उम्र में लोगों में आ रहे हैं। इस उम्र के लोगों की शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता मजबूत होती है और उनके पॉजीटिव से नेगेटिव में बदलने की भी संभावना ज्यादा होती है।

उन्होंने बताया कि केवल 13.5 प्रतिशत 60 से 80 वर्ष के लोग कोरोना से पॉजीटिव हुए हैं। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।