भाजपा ने गहलोत सरकार पर लगाया तुष्टिकरण करने का आरोप, तबलीगी जमात का कॉलम हटाए जाने पर हमलावर हुई पार्टी

नेशनल दुनिया डेस्क

कोरोनावायरस को लेकर राज्य सरकार के द्वारा नर्सिंगकर्मियों, रिक्त पड़े पदों पर डॉक्टरों की भर्ती को लेकर कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई है। राज्य सरकार ने कहा है कि सभी दूसरे कार्यों को इस वक्त साइडलाइन करते हुए चिकित्सा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की अशोक गहलोत वाली राज्य सरकार पर मरीजों के नाम पर तुष्टीकरण किए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया और जयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष विधायक रामलाल शर्मा ने अशोक गहलोत सरकार के द्वारा प्रेस रिलीज में से तबलीगी जमात के मरीजों के कॉलम को हटाए जाने को तुष्टीकरण करार दिया है।

screenshot 20200407 125841 whatsapp7226263438635250483

भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि कोरोनावायरस लाने वाले लोगों को नहीं करेंगे एक्सपोज तो पता कैसे चले गए कि लोग हैं, जिन्हें उन्होंने संक्रमण है। ऐसे लोगों को बनाकर रखनी चाहिए, दूरी तो फिर उनके पहचान बताना भी है बेहद जरूरी।

भाजपा का कहना है कि, जबकि तबलीगी जमात के नाम से मरीजों की पहचान होती है और इससे दूसरे लोग उनके संपर्क में आने से बचते हैं। ऐसे कोरोनावायरस के फैलने की संभावना कम होती है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के चलते अशोक गहलोत सरकार ने तबलीगी जमात का नाम हटाकर तुष्टीकरण करने का कार्य किया है।

गौरतलब है कि 2 दिन पहले ही राजस्थान सरकार ने पत्रकारों के लिए जारी की जाने वाली अपनी प्रेस रिलीज में से तबलीगी जमात से लौटे लोगों और उनके संपर्क में आए हुए लोगों के कोरोनावायरस पॉजिटिव होने के अलग से दिए जाने वाले नियमित कॉलम को हटा दिया गया है।

यह भी पढ़ें :  सेंटर शॉट टैलेंट अकैडमी के 5 बच्चे पहुंचे नेशनल तीरंदाजी में
screenshot 20200407 125633 twitter2150222293140587780

इसी तरह से भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, “कोरोना को लेकर एक तरफ राज्य सरकार सामुदायिक संक्रमण रोकने के लिए मरीज को सब प्रकार की पहचान बताने के लिए प्रेरित कर रही है, वही तुष्टीकरण करते हुए सरकार ने तबलीगी जमात नाम हटा दिया है, जबकि पहचान बताने से संक्रमण को रोकने में मदद ही मिलती है, ऐसे में कांग्रेस की यह कैसी राजनीति है?”

इसके साथ ही पार्टी ने कहा है, “जब देश के सारे राष्ट्रीय चैनल और प्रदेश सरकारें जमात से फैले कोरोना बमों से जनता को दूर रहने के लिए प्रेरित करने इनके आंकड़े स्पष्ट बता रहे हैं तब केवल राजस्थान के अशोक गहलोत जी इन जमातियों के आंकड़े क्यों छिपा रहे हैं..?”

“राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए क्या अशोक गहलोत जी प्रदेश की जनता के जीवन से भी खिलवाड़ कर सकते हैं..? जमात के आंकड़े नहीं बताना छोटी बात नहीं है – यह केवल राजस्थान में हो रहा है..!! कांग्रेस की सरकार तो पंजाब में भी है ना,, किन्तु वहां तो स्पष्ट लिख रहे कितने जमाती कोरोना +ve पाए गए..!! यह तुष्टिकरण खतरनाक है?”

हालांकि 5 अप्रैल का 16 पृष्ठ का पत्र भी सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि तबलीगी जमात के मरीजों का अलग से कोल्लम दिए जाने के कारण मुस्लिम समाज बदनाम हो रहा है और कई जगह मुस्लिम समाज के गरीब मजदूरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, राजस्थान के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह यादव, जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव और जोधपुर पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार को संबोधित करते हुए यह पत्र पीयूसीएल के द्वारा लिखा गया है।

यह भी पढ़ें :  जनता ने राजभवन घेर लिया तो हमारी जिम्मेदारी नहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजस्थान में फिर गर्माया सियासी पारा