राजस्थान विवि के प्रोफेसर देंगे ऑनलाइन लेक्चर: राज्यपाल

तत्कालीन कुलाधिपति और राज्यपाल को जानकारी देते हुए डॉ भूपेंद्र सिंह शेखावत।
तत्कालीन कुलाधिपति और राज्यपाल को जानकारी देते हुए डॉ भूपेंद्र सिंह शेखावत।

जयपुर।
कोरोनावायरस के चलते पिछले महीने की 24 तारीख से देशभर में लॉक डाउन है, जिसके चलते सभी शिक्षण कार्य बंद पड़े हैं। अभी भी कोरानावायरस का कहर कम नहीं हो रहा है। जयपुर के रामगंज जैसे इलाकों में कोरोनावायरस के नये मरीज सामने आने के बाद लॉक डाउन को लेकर असमंजस बना हुआ है।

ऐसे समय में राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण के संबंध में आज निर्देश दिए हैं। आप​को याद दिला दें कि राजस्थान विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षण को लेकर अभी पिछले वर्षों ही पीआरओ डॉ. भूपेंद्र सिंह शेखावत द्वारा एक प्रभावी योजना तैयार की गई थी।

इस ऑनलाइन शिक्षण योजना की विस्तृत जानकारी भी डॉ. शेखावत द्वारा तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह को राजभवन में दी गई थी। तब राजभवन और राजस्थान विश्वविद्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति थे।

डॉ. शेखावत बताते हैं कि, ‘इस योजना की जानकारी लेकर राज्यपाल इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने न केवल योजना के लिए मुझे बधाई देते हुए बार-बार मेरी पीठ ही थपथपाई, वरन मौके पर ही राजभवन के अधिकारियों को इसे लागू करने व इसकी सुनिश्चिता करने के संदर्भ में निर्देश प्रदान किए थे।’

उनका कहना है कि राजभवन ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को यह योजना लागू करने के आदेश प्रदान किए थे। इस खबर को राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख समाचार पत्रों ने न केवल इसे प्रमुखता से ही प्रकाशित किया, वरन इस अभिनव पहल पर कई बुद्धिजीवी लेखकों द्वारा संपादकीय भी लिखे गए थे।

राजस्थान विश्वविद्यालय में यह योजना लागू किए जाने के लिए वर्तमान कुलपति एवं तत्कालीन सिंडिकेट सदस्य प्रो. आरके कोठारी के संयोजन में एक उच्च समिति का गठन किया गया। इस समिति ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस योजना को लागू करने के लिए अपनी सिफारिशें प्रशासन को दी।

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तत्कालीन रजिस्ट्रार द्वारा भी सभी कॉलेजों के प्राचार्य और सभी विभागाध्यक्षों, केंद्र निदेशकों को इस संबंध में आदेश भी जारी किये जा चुके हैं। आदेश तो जारी हुए, लेकिन उनकी पालना पूरी तरह से नहीं हो सकी।

डॉ. शेखावत का कहना है कि लंबे समय से संसाधनों के अभाव को इसका एक कारण माना जा रहा है, लेकिन इस पहल का यह जरूर परिणाम निकला कि विश्वविद्यालय के महाराजा, महारानी, राजस्थान व कॉमर्स कॉलेज जैसे संघटक महाविद्यालयों, पोदार प्रबंध संस्थान सहित अन्य केंद्रों ने अपनी अपनी वेबसाइट जरूर तैयार की है।

डॉ. शेखावत का कहना है, ‘इस योजना को लेकर पिछले दिनों अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी व रजिस्ट्रार हरफूल सिंह यादव, जो कि Information Technology की विशेष जानकारी रखते हैं, से चर्चा हुई है। इस चर्चा के आधार पर मुझे विश्वास है कि आगे आने वाले दिनों में इस योजना पर विश्वविद्यालय प्रभावी रूप से अमल करने में सफल हो सकेगा।’