जयपुर।
पर्यटन मंत्री विश्वेंद सिंह और उनके बेटे अनिरुद्व सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी की सरकार की पोल खोलने की बातें सामने आ रही हैं। पहले ट्वीटर और फेसबुक पर आयुर्वेद और संस्कृत शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग पर हमलावर हुए दोनों मंत्री—पुत्र अब सरकार की नाकामियों को उजागर करने में लगे हुए हैं।
मंत्री ने एक ही दिन में दौरे पर निलकते हुए जहां राजस्थान और हरियाणा की बॉर्डर पर कोई पहरा नहीं होने का वीडिया फेसबुक पर शेयर कर सरकार की पोल खोली, वहीं उसके कुछ समय पर भरतपुर के एक मुस्लिम परिवार की महिला के पुत्र का इलाज नहीं किए जाने से उसके पुत्र की मौत होने पर संबंधित डॉक्टर को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि हरियाणा और राजस्थान की बॉर्डर सील नहीं है। उसी बॉर्डर से उन्होंने एक वीडियो जारी किया। उसके बाद रास्ते में ही जब उनको सूचना मिली की एक डॉक्टर ने मुस्लिम होने की वजह से बच्चे का उपचार नहीं किया, तो फिर उन्होंने एक वीडियो जारी कर प्रशासन को तलाड़ा।
इससे पहले मंत्री सुभाष गर्ग के अपने क्षेत्र में नहीं जाने के मामले में भी उन्होंने उनकी खूब खिंचाई की है। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई दिखाई दे रही है। और लड़ाई में फायदा उठाते हुए दिख रहे हैं नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल!
मुख्यमंत्री बनाए जाने के वक्त अशोक गहलोत को बिना विधायकों की सहमति के ही आलाकमान के आदेश पर स्वीकृति देने की बात पर भी वो बैठक छोड़कर भाग गए थे, तभी से विश्वेंद्र सिंह को गहलोत के खिलाफ माना जाता है। उनको सचिन पायलट खेमे से माना जाता है।