कोरोना वायरस की लड़ाई के बीच पढ़िए इन दो मंत्रियों की रोचक जंग

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एक तरफ पूरा देश जहां कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, वहीं राजस्थान में दो मंत्री ऐसे हैं जो इस महामारी के बीच भी आपसी जंग में उलझे हुए हैं।

राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग और पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बीच भरतपुर में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है। इस लड़ाई के बीच रोचक तथ्य पेश करने का काम कर रहे हैं नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल।

दोनों मंत्रियों के बीच भरतपुर में आगे निकलने की जंग शुरू हो चुकी है। इस जंग में उनका साथ दे रहे हैं, दोनों के पुत्र। सोशल मीडिया के माध्यम से लड़ी जा रही इस लड़ाई में अभी तक विश्वेंद्र सिंह काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं।

पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की तरफ से मोर्चा संभाले हुए हैं उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह। ट्विटर पर लगातार पोस्ट और कमेंट लिखने वाले अनिरुद्ध सिंह भरतपुर का कनेक्शन नागौर से जोड़ रहे हैं।

तकरीबन हर पोस्ट पर रिट्वीट करके रिप्लाई करने वाले अनिरुद्ध सिंह इन दिनों मंत्री सुभाष गर्ग के ऊपर खासे हमलावर हैं। सुभाष कर के ऊपर कटाक्ष करते हुए अनिरुद्ध सिंह लगातार यह लिखने से नहीं चूक रहे हैं कि भरतपुर और नागौर का गहरा संबंध है।

गौरतलब है कि विश्वेंद्र सिंह के द्वारा पहले किसानों के लिए और फिर इसके बाद बिजली-पानी के बिल स्थगित किए जाने की मांग को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा तुरंत प्रभाव से मान लेना सुभाष गर्ग और उनके समर्थकों को पच नहीं रहा है।

इसको लेकर सुभाष गर्ग के पुत्र की तरफ से कमेंट आए तो विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने लिखा कि जो भरतपुर का विधायक है, वह जयपुर पहुंच गया है, भरतपुर के लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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2 दिन पहले ही विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर में 150 से अधिक मस्जिदों में छापे डलवाए थे, जिसमें तबलीगी जमात के लोगों को पकड़ा गया था। भरतपुर में अब तक के एक मरीज को रोना पॉजिटिव सामने आया है।

उससे पहले संसद में नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के द्वारा भरतपुर के संस्थापक महाराजा सूरजमल के नाम पर पर्यटन विभाग की तरफ से डिमांड किए जाने के बाद और नागौर में वीर तेजाजी के खरनाल में पर्यटन स्थल बनाए जाने की मांग को स्वीकार करते हुए विश्वेंद्र सिंह ने तुरंत हामी भरी थी।

दोनों नेताओं के बीच ट्विटर और फेसबुक पर जो जुगलबंदी चली। उसको लेकर कांग्रेस के कई नेताओं के कान खड़े हो गए। इस बीच सुभाष गार्गी की तरफ से कटाक्ष भरे रिप्लाई किए गए, जिसके बाद विश्वेंद्र सिंह और सुभाष गर्ग के बीच राजनीतिक दूरियां बढ़ गई।

अब सोशल मीडिया पर लोग कमेंट कर रहे हैं कि विश्वेंद्र सिंह नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के पक्ष में जा सकते हैं। कई लोगों के कमेंट बता रहे हैं कि विश्वेंद्र सिंह और बेनीवाल की जुगलबंदी भविष्य में कांग्रेस के लिए खतरा हो सकती है।