झुंझुनूं में 21 साल का लड़का पॉजिटिव, अबतक 56 मरीज, प्रदेश में 55400 क्वेरन्टीन तैयार

प्रदेश के 61 हजार परिवारों के 2.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, संक्रमण रोकने हेतु हाइपो क्लोराइट का छिड़काव -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 29 मार्च।

राजस्थान में झुंझुनू जिले से 21 साल का लड़का कोरोना वायरस से पॉजिटिव सामने आया है, वह 23 मार्च कॉरेन्टीन में था। लड़का 22 तारीख को ही फिलीपींस से लौटा था। इसके साथ ही राजस्थान में कोई के मरीजों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य भर में 60 लाख 61 हजार परिवारों के 2.5 करोड़ सदस्यों की स्क्रीनिंग का काम एक्टिव सर्विलांस टीम द्वारा व करीब 25.5 लाख रोगियों की पैसिव सर्विलांस टीम द्वारा ओपीडी में स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए हाइपो क्लोराइट का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग अन्य विभागों के समन्वय से योजनाबद्ध तरीके से काम कर कोरोना संक्रमण से उपजे हालात पर काबू करने की कोशिश कर रहा है।

डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि 28 मार्च शाम 4 बजे तक मिली रिपोर्ट के अनुसार करीब 54 कोरोना पॉजीटिव लोगों की पुष्टि हुई है। दो पॉजीटिव केस आज सामने आए हैं। प्रदेश में कुल 56 केसेज अब तक पॉजीटिव आए हैं।

उन्होंने बताया कि कल तक मिले 54 पॉजीटिव केसेज के संपर्क में आए लगभग 1400 लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर स्क्रीनिंग भी की गई, उनमें से 200 लोगों के सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

275 यात्रियों को एयरलिफ्ट कर जोधपुर आर्मी कैंप में किया क्वारेंटाइन
उन्होंने कहा कि रविवार को भारतीय मूल के 275 यात्रियों को ईरान से एयरलिफ्ट कर जोधपुर में सेना के क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया है।

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इनमें 133 महिलाएं और 142 पुरुष और 6 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि यह दूसरा दल है जिसे एयरलिफ्ट करके लाया गया है। इससे पहले जैसलमेर में 490 लोगों को विदेश से लाया गया था।

प्रदेश में 55 हजार से ज्यादा क्वारेंटाइन सेंटर तैयार
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने 1 लाख क्वारेंटाइन सुविधा उपलब्ध कराने का जो लक्ष्य रखा था, 55 हजार 400 क्वारेंटाइन चिन्हित किए जा चुके हैं और शेष के लिए कार्यवाही जारी है।

जरूरत के अनुसार वेंटिलेटर्स खरीदने की प्रक्रिया शुरू
डॉ. शर्मा ने कहा कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर्स हैं। मांग और उपलब्धता के अनुसार और वेंटिलेटर्स खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि एक वेंटिलेटर से दो मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले वेंटिलेटर्स एनबीसी से लेने की बात चल रही है। उसका परीक्षण भी करवा लिया गया है।

पर्याप्त मात्रा में है चिकित्सा सामग्री
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य में पीपीई (पर्सनल प्रोेटेक्टिव इक्विपमेंट) किट 8549, एन-95 मास्क 38099 की संख्या में मौजूद है। पीपीई किट का बफर स्टाक 2821 और एन-95 मास्क का 36272 है।

उन्होंने कहा कि पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स, ट्रिपल लेयर मास्क, एन-95 मास्क के लिए आरएमएससीएल को निर्देश दिए जा चुके हैं, वह निरंतर खरीद की कार्यवाही कर रहे हैं। बचाव सामग्री की कहीं कोई कमी नहीं आने देंगे।

अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्साकर्मी और नर्सिंग स्टाफ नहीं छोड़ रहे कोई कसर
डॉ शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, निदेशक एनएचएम नरेश कुमार ठकराल एवं राजस्थान स्टेट इंश्योरेंस एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुचि त्यागी सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी पूरी शिद्दत इस महामारी की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ले रहे पल-पल की खबर
उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री स्वयं बेहद सजग और संवदेनशील हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेसिंग, बैठक करके हर पल की खबर ले रहे हैं और आवश्‍यकता के अनुसार निर्देश जारी कर रहे हैं।

भले ही पड़ौसी राज्यों से आए लोगों की स्क्रीनिंग काम हो या फिर उन्हें भोजन उपलब्ध कराने की बात हो। हर घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग रख रहे हैं।

साथ ही मुख्य सचिव, गृह सचिव अन्य विभागों से बराबर समन्वय कर हालात को काबू में करने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित और रोकथाम के लिए बनी टास्क फोर्सेज भी सभी व्यवस्थाओं पर पैनी नजर बनाए हुए है।