राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) एक बार फिर से आमने-सामने हो गए हैं। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे शीत युद्ध के बाद बयानों के द्वारा आमने सामने होने की बात सामने आई है।

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया

चुनाव आयोग के द्वारा राज्यसभा चुनाव को स्थगित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने दो बार ट्वीट करके चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि अन्य पार्टियों को विश्वास में लिए बगैर ही चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव स्थगित कर दिया।

संसद और मध्यप्रदेश विधानसभा कैसे रही संचालित

एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि एक तरफ जहां संसद चल रही है और मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह सरकार विश्वास मत हासिल करने के लिए सदन का सत्र संचालित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव स्थगित करके मनमर्जी दिखाई है।

हॉर्स ट्रेडिंग नहीं कर पाई भाजपा (BJP)

अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में भाजपा (BJP) और ट्रेडिंग नहीं कर पाई है, तो इसके चलते राज्यसभा चुनाव भी स्थगित करवा दिया है।

उमर अब्दुल्ला को बिना वजह 8 महीने डिटेन किया गया

दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कोरोनावायरस के कहर को देखते हुए चुनाव आयोग के द्वारा राज्यसभा चुनाव स्थगित किया जाना स्वागत योग्य कदम है।

उमर अब्दुल्ला की रिहाई को लेकर सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा है कि बिना वजह उनको 8 महीने तक डिटेल किया गया है, यह गलत बात है। केंद्र की मोदी सरकार मनमर्जी से कार्य कर रही है जो अनुचित है।

राज्यसभा चुनाव स्थगित किए जाने के मामले में चुनाव आयोग की प्रशंसा करके एक प्रसिद्ध उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बयान का खंडन ही किया है।

कांग्रेस (Congress) के 67 विधायक पहुंचे अहमदाबाद

इधर बीते 13 दिन से कांग्रेस (Congress) गुजरात के 67 विधायक जयपुर में ठहरे हुए थे, उन सभी को राज्यसभा चुनाव स्थगित किए जाने के बाद जयपुर से अहमदाबाद भेज दिया गया है। सभी विधायक जयपुर में शिवजी रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे।