जयपुर समाचार

गणगौर पूजन को लेकर तरह-तरह की बातें देश में फैली हुई है, लेकिन खास बात यह है कि गणगौर पूजन राजस्थान और सीमावर्ती मध्यप्रदेश में होता है। इसमें भगवान शिवजी और पार्वती की पूजा की जाती है।

गणगौर पूजा को लेकर एक और बात महत्वपूर्ण है जो यह है कि इसकी पूजा कुमारी लड़कियां करती है और दूसरी महिलाएं जो कि संतान की प्राप्ति और पति सुख के लिए गणगौर पूजन करती हैं।

अलग-अलग शहरों में गणगौर पूजन का थोड़ा-थोड़ा भेद अवश्य है, लेकिन पूरे राजस्थान और मध्यप्रदेश में जहां पर गणगौर पूजन का कार्य किया जाता है, वहां पर लगभग सभी जगह एक ही तरह से महिलाएं गीत गाती हैं और गणगौर पूजने का काम करती हैं।

गणगौर पूजन को लेकर जयपुर, दोसा, अलवर, सीकर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, झालावाड़ समेत तकरीबन आधे से ज्यादा राजस्थान में बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं।

गणगौर पूजन का कार्य 10 मार्च से प्रारंभ हुआ था, जो कि 27 मार्च 2020 तक अनवरत चल रहा है। इस दौरान महिलाएं सज धज कर गणगौर पूजती हैं।