राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने नागरिकों को दी चेतावनी

लोग घरों से बाहर न निकले, कोरोना वायरस से लडने में मदद करें अन्यथा कठोरता अपनानी होगी
-राज्यपाल

जयपुर, 24 मार्च।

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि ‘‘ इस समय पूरे प्रदेश भर में लाॅक डाउन है। इसका तात्पर्य है कि कोई अपने स्थान से, घर से बाहर नही जायेगा। जहां है, वही रहे। तब ही कोरोना जैसी महामारी से विजय प्राप्त कर सकते है।

लेकिन दो दिन से मैं मीडिया पर देख रहा हूं कि कई स्थान, कई शहरों में लोगों ने लापरवाही की है। घर से बाहर निकले हैं। मना करने के बाद भी नही मान रहे हैं। यह दुःखद है। ‘‘

राज्यपाल ने कहा है कि ‘‘ आप घर पर रहेगें तो कोरोना से मुक्त रहेगें। प्रदेश को भी कोरोना से मुक्त रखने में अपनी भूमिका निभायेंगे। बाहर जाकर एक तरफ से आप कोरोना को आमन्त्रित कर रहे है। कोरोना आप के लिए खतरनाक है। प्रदेष के लिए खतरनाक है। ‘‘

मिश्र ने कहा कि ‘‘ मेरा आप सभी से कहना है कि जो जहां है, वही रहे। 31 मार्च तक घर पर रहने के लिए कहा गया है, तो इसका अनिवार्य से पालन करें। सुविधाओं की सूचना आपको मिल रही है। उसका उपयोग करें लेकिन अपने घर से बाहर कदापि न जायें। ‘‘

राज्यपाल ने कहा कि ‘‘ इस समय कर्फ्यू की स्थिति है। इसलिए बाहर न निकले। यदि आप लोग स्वंय नियन्त्रण नही करेंगे तो कठोरता अपनानी होगी। मैंन इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता की।

नव संवत्सर, नवरात्रा और चेटीचण्ड महत्वपूर्ण त्यौहार हैं। घर पर ही रह कर आराधना करें । घर से बाहर न निकले। प्रदेश को इस महामारी से उबारनें में सहयोग करें।

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‘‘ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री शसचिन पायलेट ने राज्यपाल कलराज मिश्र को दूरभाष पर राज्य के विभिन्न जिलों के हालात के बारे में बताया।

नव संवत्सर और चेटीचण्ड के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने लोगों का आव्हान किया है कि नव संवत्सर और चेटीचण्ड पर घर से बाहर नही निकलने के लिए सभी संकल्प लें ताकि हम सभी एकजुट होकर कोरोना वायरस से लड सकें। राज्यपाल मिश्र ने प्रदेश, देश व दुनिया को कोरोना वायरस से मुक्त करने के लिए पूजा अर्चना कर ईश्वर से प्रार्थना की है।

राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि इस समय कोरोना वायरस से पूरी दुनिया प्रभावित है। मेरा प्रदेशवासियों से आग्रह है कि सभी लोग कोरोना वायरस महामारी से प्रदेष, देश और दुनिया से भगाने के लिए ईष्वर से आराधना करें।

उन्होंने कहा कि लोग घरों से बाहर न निकले। अपने घरों में ही बैठकर नवरात्रा और चेटीचण्ड की पूजा – अर्चना करें। राज्यपाल ने कहा है कि खुद को बचाये और देष को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करें।

राज्यपाल ने कहा है कि चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से नव संवत्सर का प्रारंभ ऋतु संधि के साथ- साथ हमारे जीवन में नई आशा और स्फूर्ति का संचार करता है। मिश्र ने विक्रम संवत् 2077 में प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की है।

उन्होने कहा कि मेरी शुभकामनाएं है कि राजस्थान प्रदेश का प्रत्येक नागरिक निरोग रहें, स्वस्थ रहे और राज्य में चंहुओर खुशहाली का वातवरण बनें।

राज्यपाल ने कहा है कि ‘‘वरूण अवतार भगवान झूलेलाल की आराधना में मनाये जाने वाले चेटीचण्ड का विशेष महत्व है, जिन्होंने समाज में सद्भाव, समानता, भाईचारे और मैत्री का संदेश देकर नैतिक और मानवीय मूल्यों की राह दिखाई थी। उनके संदेश समाज के लिए आज भी प्रासंगिक है।‘‘

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राज्यपाल ने लोगों से अपील की है कि इस वक्त प्रदेश के गरीब ओर असहाय लोगों की मदद करने की आवष्यकता है।

नव संवत्सर के अवसर पर आप सभी मदद के लिए आगे आये और नवरात्रा पर लोगों की सहायता करने का प्रण लें। राज्यपाल ने समर्थ लोगो से आहवान किया है कि लोग ‘‘ राज्यपाल राहत कोष ‘‘ में धनराषि दान स्वरूप दे सकते हैं