पुलिस के बीट सिस्टम होगा बड़ा बदलाव, यह किया जाएगा चैंज, ताकि मिले फायदा

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जयपुर।
बीट सिस्टम को पुलिस की रीढ़ माना जाता है। सशक्त बीट से अपराध नियत्रंण में सहयोग मिलता है साथ ही पुलिस तक क्षेत्र की सूचनाएं भी पहुंचती रहती है।

इसे सशक्त बनाने को लेकर नई कवायद शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद बीट सिस्टम का नए सिरे से पुननिर्धारित किया जा रहा है।

बीट कांस्टेबल का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। पुलिस महानिदेशक के आदेश के अनुसार अब थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को बीट की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने 10 फरवरी तक थानों में स्वीकृति नफरी के अनुसार बीट पुननिर्धारित करने के आदेश दिए थे। पुलिस अधीक्षक की अनुमति से ही बीट निर्धारित की जा सकेगी।

इस पर सभी जिलों में कवायद शुरू हो गई है। इसके बाद बीट अधिकारियों को 15 मार्च तक 40 निर्धारित बिन्दुओं की सूचनाएं बीट बुक में अंकित करनी होगी। पहली बार महिला कांस्टेबल के साथ ही थानों के एलसी, कोर्ट मुंशी व वायरलेस आॅपरेटर को भी बीट आवंटित की जाएगी।

थानों के उप निरीक्षक/सहायक उप निरीक्षक/हैडकांस्टेबल स्तर के अधिकारी को तीन या चार बीट कांस्टेबल के बीट समूह का बीट प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।

बीट प्रभारी का कार्यकाल एक वर्ष होगा। बीट प्रभारी अधीनस्थ समस्त बीट का निरीक्षण और निर्देश देंगे। सप्ताह में एक बार बीट बुक व बीट कार्रवाई पंजिका का अवलोकन करना होगा।

इसी प्रकार थानाधिकारी प्रत्येक पखवाडे में एवं वृत्ताधिकारी को प्रत्येक महीने में एक बार आवयक रूप से बीट बुक व बीट कार्रवाई पंजिका का निरीक्षण करना होगा।

थानाधिकारी को सभी बीट कांस्टेबल की बीट बुक एवं बीट कार्रवाई पंजिका का अवलोकन कर थाना स्तर पर सर्वश्रेष्ठ बीट कांस्टेबल का चयन करना होगा।

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इसी तर्ज पर सर्किल और जिला स्तर पर संबंधित अधिकारी सर्वश्रेष्ठ बीट कांस्टेबल का चयन करेंगे। चयनित बीट कांस्टेबल की फोटो पुलिस थाना, वृताधिकारी/सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर निर्धारित स्थान पर लगाई जाएगी।

उन्हें नकद पुरस्कार देने के भी निर्देश दिये गए हैं। बीट में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर इन्हें इच्छित स्थानों पर पदस्थापित करने पर विचार किया जाएगा।