अशोक गहलोत के सियासी पैंतरे में फिर उलझे सचिन पायलट, पढ़िए कारण-

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जयपुर।

अपनी सियासी चाल-बागियों के चलते हैं विरोधियों के लिए सिरदर्द बनने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को राजनीतिक पैंतरेबाजी में उलझा दिया है।

हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व के नेतृत्व में कुछ परिवर्तन करने के कारण अशोक गहलोत के द्वारा महासचिव का पद छोड़ना मजबूरी हो गया था, लेकिन उन्होंने जिस तत्परता के साथ और प्रचारात्मक रूप से महासचिव के पद से इस्तीफा दिया, उससे राज्य की कांग्रेसी राजनीति को नया संदेश भी दे दिया।

करीब साढे 4 साल पहले जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी थी, तब भाजपा ने एक अभियान चलाया था। जिसके तहत ‘एक व्यक्ति एक पद’ का फॉर्मूला लागू किया गया। बीजेपी ने इसको पूरी तरह इंप्लीमेंट भी कर दिया। अब उसी ‘एक व्यक्ति एक पद’ के फार्मूले पर कांग्रेस आगे बढ़ रही।

मुख्यमंत्री बनने के बाद अशोक गहलोत को वैसे भी महासचिव के पद से इस्तीफा देना था, लेकिन यह काम उन्होंने इस नए फॉर्मूले की आड़ में किया है, जो सचिन पायलट और उनके पूरे गुट के लिए असमंजस का कारण बन गया है।

दरअसल, खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री हैं, तो साथ ही कैबिनेट के करीब एक दर्जन मंत्री भी पार्टी में विभिन्न पदों पर विराजमान हैं। इनको भी पायलट के ही गुट से समझा जाता है।

अब चूंकि पार्टी ने अगर फॉर्मूला कड़ाई से लागू किया तो इसके चलते सभी को संगठन में धारित पद छोड़ना होगा। अशोक गहलोत इसकी पहल कर पार्टी में संदेश दे चुके हैं, देखना होगा कि बाकी मंत्री क्या करते हैं?

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बहरहाल, यदि इन पदासीन मंत्रियों को पार्टी के पदों से इस्तीफा देना पड़ा, तो निश्चित रूप से मुख्यमंत्री के दावेदार सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनाकर कमजोर करने के बाद उनको एक माह के अंतराल में ही गहलोत के द्वारा दूसरा झटका माना जायेगा।

जिन मंत्रियों के पास हैं पार्टी में पद हैं, उनमें चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा पार्टी उपाध्यक्ष, पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह भाटी उपाध्यक्ष, मास्टर भंवरलाल पार्टी उपाध्यक्ष, प्रमोद जैन भाया पार्टी उपाध्यक्ष, प्रताप सिंह खाचरियावास जयपुर शहर अध्यक्ष, गोविंद सिंह डोटासरा पार्टी उपाध्यक्ष, टीकाराम जूली अलवर जिला अध्यक्ष, राजेंद्र यादव जयपुर देहात अध्यक्ष, ममता भूपेश बैरवा राष्ट्रीय महामंत्री महिला कांग्रेस, अशोक चांदना प्रदेश अध्यक्ष युवा कांग्रेस हैं।

इन मंत्रियों में से विश्वेन्द्र सिंह, प्रताप सिंह खाचरियावास, गोविंद सिंह डोटासरा, मास्टर भंवरलाल, डॉ रघु शर्मा, ममता भूपेश समेत अधिकांश को सचिन पायलट गुट से माना जाता है।

पार्टी के आला नेता इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है, तो कुछ पदाधिकारी कहते हैं कि सत्ता और संगठन में तालमेल बिठाने के लिए 2 पदों का होना अच्छी बात है।

इस बीच आपको यह भी बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट खुद भी उप मुख्यमंत्री के पद पर हैं। यदि फार्मूला लागू किया जाता है, तो उनको भी दोनों में से एक पद छोड़ना होगा। जानकारों की मानें तो पार्टी लोकसभा चुनाव तक उनको अध्यक्ष पद से हटाने का जोखिम नहीं ले सकती।