सतीश पूनिया की मांग पर सरकार ने पशुपालकों को दिया 2 रुपए बोनस

जयपुर।

पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे आमेर विधायक सतीश पूनिया के द्वारा राजस्थान के विधानसभा में पशुपालकों के भावन्तर के मुद्दे को उठाए जाने के बाद राज्य सरकार ने पशुपालकों को 2 रुपए प्रति लीटर बोनस देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 5000 नए बूथ खोलने का एलान भी किया है।

सतीश पूनिया ने पशुपालकों का दर्द उठाते हुए एक दिन पहले ही विधानसभा में कहा था जयपुर जिले में और पूरे राजस्थान में खेती और उससे जुड़े धंधों में 9 लाख पशुपालक और दुग्ध उत्पादन का काम करने वाले किसान हैं।

पूनिया ने कहा कि अभी उनको दूध की कीमत मिलती है 25 रुपये मात्र, और वही दूध बाजार में ₹60 का मिलता है। किसान मांग कर रहे हैं कि हमें कम से कम 5 से 7 रुपए भावांतर दिया जाए, ताकि हम अपनी हालत को ठीक कर लें।

मूंग की खरीद का जिक्र करते हुए पूनिया ने कहा कि दूदू में किसान सड़कों पर हैं, बिजली का जिक्र हुआ है, यह व्यवहारिक समस्या है। जो खेती और किसानी करते हैं, वह समझ सकते हैं कि कड़ाके की ठंड में यदि दिन के सर्किट की बिजली मिल जाए तो एक बहुत बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है।

इससे पहले सदन में पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए पूनिया ने कहा कि कर्जमाफी कोई अल्टीमेट समाधान नहीं है। किसान की फसल की सही कीमत मिले। उसकी खेती क्योंकि आज घाटे का सौदा हो गई है और जोत कम हो गई है, उसपर खर्चा ज्यादा है। इसलिए इसका स्थाई समाधान होना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि यदि इस घोषणापत्र पत्र में किसानों की आय बढ़ाने का कुछ आता तो मुझे खुशी होती। ऐसा कोई उपाय हो कि किसानों को कीमत पूरी मिले। अभी तक लॉलीपॉप होती रही, किसान की फसल की भरपाई का उपाय सरकार करें तो मुझे खुशी होगी।

इसके साथ ही सतीश पूनिया ने कहा किसान के साथ नौजवान एक बड़ा तबका है जो बेरोजगारी से जूझ रहा है, यह दूसरी समस्या है। उसको 3500 बेरोजगारी भत्ता का घोषणा पत्र में जिक्र हुआ है। उसकी योग्य कौन होंगे, कैसे दिया जाएगा, कब दिया जाएगा? मैं समझता हूं इस पर देश के नौजवान को सही दिशा में ले जाने के लिए, उनकी सहूलियत के लिए रोजगार के लिए रोजगार के लिए निश्चित रूप से कोई न कोई उपाय किया जाना चाहिए।

पूनिया ने कहा कि ईस्टर्न कैनाल की पिछली सरकार ने योजना बनाई थी। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या सरकार उस योजना को अमल में लाएगी और किसानों को उपलब्ध करवाएगी।

उन्होंने कहा कि मैं भी समझता हूं कि सरकार जन घोषणा पत्र और यहां तक की सदस्यों की भावनाओं के अनुरूप फैसला नहीं लेंगे तो निश्चित रूप से यह बात अभिमान कि नहीं होगी।

चुनाव में जीत-हार की बात करते हुए पूनिया ने कहा कि राजस्थान की जनता देती है तो छप्पर फाड़ कर देती है और अगर लेती है तो छप्पर फाड़ कर लेती है। इसलिए सरकार के सामने चुनौतियां खूब हैं, इस सदन की गरिमा बनी रहे, यहां चर्चा हो और उस बहस के सार्थक नतीजे निकले।