IAS तन्मय कुमार-सिंघवी को लेकर विधानसभा में घिरी गहलोत सरकार

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जयपुर।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रमुख सचिव और कांग्रेस पार्टी के द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आईएएस तन्मय कुमार को लेकर आज राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार घिर गई।

पूर्व कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले साल और इस वर्ष लगाए गए आरोपों को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए।

संयम लोढ़ा ने जनवरी 2018 में अशोक गहलोत के उस स्टेटमेंट का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, जिसमें गहलोत ने कहा था कि राजस्थान में जेडीए सेक्रेटरी, मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी और जयपुर कमिश्नर मिलकर सरकार चला रहे हैं, घोटाले कर रहे हैं।

विधायक लोढा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान का हवाला देते हुए कहा की तब पूर्व मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत ने कहा था कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इन भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संयम लोढ़ा विधानसभा में राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण पर बोल रहे थे। उन्होंने पिछली वसुंधरा राजे सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में 5 साल के दौरान करीब साढ़े 7 सौ से ज्यादा आईएएस अफसरों के तबादले किए गए।

कई जगह तो तीन-तीन दिन के भीतर कलेक्टर बदल दिए गए। उन्होंने सिरोही के पूर्व कलेक्टर गौरव कुमार का हवाला देते हुए कहा कि जिस अफसर ने ईमानदारी के साथ काम करने का प्रयास किया, उसको सरकार ने दंडित किया।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के समय खान महाघूस कांड की याद दिलाते हुए कहा कि बड़े ओहदेदार, जिन्होंने करोड़ों रुपए की रिश्वत ली और प्रदेश के राजस्व को बट्टा लगाया, उनको सरकार ने पुरस्कृत किया।

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कांग्रेस सरकार से मांग करते हुए विधायक लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, जो जीरो टॉलरेंस पर काम करती है। लोढ़ा ने सदन के माध्यम से गहलोत से कहा कि जिन अधिकारियों के ऊपर उन्होंने विपक्ष में रहते हुए आरोप लगाए थे, उनकी निष्पक्षता से जांच करवाएं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने का काम करें।