BJP के प्रत्याशी को एक वोट से हराकर BJP के ही विष्णु लाटा बने ‘जयपुर महापौर’

जयपुर।

राजस्थान की राजधानी जयपुर को 4 साल के भीतर तीसरा मेयर मिल गया है। बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार और कार्यवाहक मेयर मनोज भारद्वाज को पार्षद विष्णु लाटा ने एक वोट से हराकर जीत हासिल की। इनका कार्यकाल 9 महीने का रहेगा।

90 सदस्य वाले जयपुर नगर निगम में बीजेपी के पास 63 पार्षद हैं। कांग्रेस पार्टी के पास महज 18 पार्षद हैं। जबकि 9 निर्दलीय पार्षद हैं। बीजेपी में बगावत कर महापौर के लिए खड़े हुए विष्णु लाटा ने बीजेपी के उम्मीदवार मनोज भारद्वाज को 44 के मुकाबले 45 वोटों से मार दे दी।

कहा जा रहा है कि विष्णु लाटा को दिसम्बर में हुए चुनाव के वक्त बीजेपी ने सांगानेर से विधानसभा का टिकट यह कहकर नहीं दिया था कि उनको बाद में मेयर बना दिया जाएगा। लेकिन भाजपा ने अपना अधिकृत उम्मीदवार डिप्टी मेयर मनोज भारद्वाज को चुना और इसके चलते ही विष्णु लाटा बागी हो गए।

बीजेपी को बगावत को लेकर पहले से ही अंदेशा था। जिसके चलते 2 दिन पहले ही अपने पार्षदों को पार्टी ने अजमेर रोड स्थित एक रिसोर्ट में बाड़े बंदी कर ठहरा दिया था। कल रात को विष्णु लाटा अपने समर्थक पार्षदों की मदद से रिसोर्ट की चारदीवारी फांधकर भाग निकलने में कामयाब हो गए।

कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया गया था, जबकि 8 निर्दलीय पार्षदों का भी विष्णु लाटा को समर्थन प्राप्त था। बताया जा रहा है कि सभी 18 कांग्रेसी पार्षदों ने लाटा को ही वोट दिया है।

उल्लेखनीय है कि साल 2015 में हुए जयपुर नगर निगम के चुनाव के वक्त बीजेपी की तरफ से निर्मल नाहटा मेयर चुना गया था। साल 2016 में उनको हटा दिया गया और उनकी जगह पार्षद अशोक लाहोटी को महापौर चुना गया।

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दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान अशोक लाहोटी ने सांगानेर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतने में कामयाब हुए। बीते 25 साल में पहला मौका है, जब जयपुर नगर निगम के एक ही कार्यकाल में तीसरे बोर्ड का गठन हुआ है

सियासी गलियारों में चर्चा है कि विष्णु लाटा को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट से समर्थन प्राप्त था, जबकि बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार मनोज भारद्वाज भाजपा और आरएसएस के प्रत्याशी थे।