गाय के मरने की बात कहकर फफक पड़े मुस्लिम विधायक

जयपुर।

बीते चार पांच साल के दौरान भारत में गाय के तस्करी और उसके कत्ल को लेकर देश में समाज दो हिस्सों में बंट गया है। एकदम का जहां गाय की तस्करी को लेकर बेहद खफा है, वहीं दूसरे तबके के मुताबिक गाय को बेचने और क़त्ल खानों में काटने की प्रक्रिया काफी पुरानी है।

गाय को पालने उसके साथ लगाव की अद्भुत कहानी का जिक्र करते हुए राजस्थान विधानसभा के भीतर सोमवार को कांग्रेस पार्टी के एक मुस्लिम विधायक फफक पड़े।

बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से अमीन खान राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण पर बोल रहे थे। उन्होंने राजस्थान में गाय के महत्व और किसानों के घर में गाय की कीमत को लेकर कई बातें कहीं।

दो अलग-अलग कहानियां सुनाते हुए अमीन खान ने कहा कि किसानों के लिए पशुपालकों के लिए गाय का बहुत महत्व है, लेकिन इसकी समय पर खरीद-फरोख्त नहीं होने के कारण यही गाय और हिरण किसानों की फसलें बर्बाद कर रही है।

अमीन खान ने एक व्यक्ति की कहानी बताते हुए कहा कि सैकड़ों गायों का मुस्लिम मालिक गायों के बीच ही रहता था, उनकी बीच ही सोता था, जब उसकी मृत्यु हुई तो गायों ने उसका शव उठाने नहीं दिया।

इसके बाद किसी ने उपाय बताया की गायों के मालिक का एक पुतला बनाकर दूसरी खाट पर सुला दिया जाए, जिससे गायें उसकी तरफ चली जाएगी और मालिक का शव उठाकर दफना दिया जाएगा, बाद में यही किया गया।

अमीन खान ने खुद की कहानी बताती है कहा कि 13 साल से लेकर 50 साल की उम्र तक खुद खेती करते थे, और गाय पालते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास एक गाय थी, जो जयपुर से जाने पर उसके पास दौड़कर चली आती और उनके गाल चाटती थी।

यह भी पढ़ें :  हर राज्य में तैयार हो रही हैं मोदी-अमित शाह की टीम!

उन्होंने बताया कि एक दिन वह गाय मर गई, जिसको लेकर उन्हें उतना ही दुख हुआ, जितना उनकी मां मरने पर हुआ था। इस बात को कहते हुए अमीन खान विधानसभा में फफक पड़े।