कॉमरेड बलवान पूनिया ने सदन में दिखाई वामपंथी आवाज की ताकत

जयपुर।

पहली बार चुनकर आए कामरेड बलवान पूनिया और उनके साथी गिरधारी लाल माहिया 3 दिन से लगातार राजस्थान की विधानसभा में वामपंथी आवाज को बुलंद करने में जुटे हुए हैं। भादरा से पहली बार चुनकर आए कामरेड बलवान पूनिया ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में वामपंथी आवाज के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न समस्याओं को बिंदुवार उठाया।

राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रदेश के किसानों, मज़दूरों, सरकारी कर्मचारियों के अलावा युवाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के साथ साथ अन्य कई मुद्दों पर बिंदुवार बात करते हुए राज्य सरकार के समक्ष मामले उठाए।

अपनी बुलंद आवाज में बोलते हुए बलवान पूनिया ने कहा कि राजस्थान के किसानों के साथ कांग्रेस पार्टी के द्वारा संपूर्ण कर्जा माफ करने का वादा किया गया था लेकिन आज तक केवल पात्रता तक नहीं हो सकी। ऐसे में कोई किसान यह विश्वास नहीं कर पा रहा है कि उनका कभी कर्जा माफ हो पाएगा।

बलवान पूनिया ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ने के बाद वह इन बिंदुओं के हिसाब से कह सकते हैं कि राज्य सरकार विभिन्न तबकों को लेकर किसी भी सूरत में गंभीर दिखाई नहीं दे रही है।

सीपीएम के विधायक कॉमरेड पूनिया ने सबसे पहले प्रदेश में किसानों को मिलने वाले सिंचाई के लिए पानी का मामला उठाया। उन्होंने गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, चूरू, डूंगरगढ़ समेत विभिन्न जिलों में किसानों को पानी नहीं मिलने की समस्याओं की तरफ इशारा करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण में इस को शामिल करने की मांग की।

पॉइंट्स के माध्यम से बात करते हो बलवान पूनिया ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश में पिछली सरकार के द्वारा तीन बार बिजली बिलों में बढ़ोतरी की गई। जिसके चलते यदि कोई व्यक्ति घर में दो बल्ब नहीं जला देता है तो उसकी हजार-डेढ़ हज़ार का बिल आसानी से आ जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार को कदम उठाना चाहिए।

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उन्होंने पिछली सरकार और वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के गठन के बाद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की 3700 स्कूलों के वापस खोलने की बात कही है, लेकिन चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि बंद की गई सभी साडे 22,000 स्कूलों को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों से साबित होता है कि पिछली सरकार और वर्तमान सरकार दोनों की कार्य प्रणाली में कोई अंतर नहीं है।

पेंशन स्कीम पर बात करती हुई बलवान पूनिया ने कहा कि 2004 के बाद लागू की गई न्यू पेंशन स्कीम के चलते नए केवल राजस्थान के, बल्कि पूरे देश के कर्मचारी परेशान हैं। हाल ही में कुछ रिटायर हुए कर्मचारियों को पता चला कि उनको 1500 से लेकर ₹2000 तक पेंशन मिल रही है, उन्होंने पुरानी पेंशन फिर से शुरू करने की मांग की।

बलवान पूनिया ने इसके साथ ही कहा कि राशन कार्ड से जिनमें उनके नाम हट गए थे, उनको वापस जोड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी ने वादा किया था। भामाशाह के तहत किन को जोड़ा जाएगा, इस बारे में भी राज्यपाल के अभिभाषण में कोई जिक्र नहीं किया गया है। खाद्य सुरक्षा से हटाए गए लोगों को जोड़ा जाएगा या नहीं इस बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए।

कामरेड बलवान पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले 5 साल तक कृषि कनेक्शनों के बिजली की दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है, यह स्वागत योग्य है, लेकिन बीकानेर जैसे जिलों में, जहां बूंद बूंद सिंचाई पद्धति से काम किया जाता है, उनके बारे में सरकार को विचार करना चाहिए और ऐसे किसानों को भी राहत देनी चाहिए।

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युवाओं के बारे में बात करते हुए पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में सरकार के गठन से पहले वादा किया था कि प्रत्येक शिक्षित बेरोजगार को 3500 भत्ता प्रतिमाह दिया जाएगा, लेकिन उसके बारे में कोई रोडमैप बनाया गया है और ना ही कोई वादा राज्यपाल के अभिभाषण में किया गया है।

प्रदेश के युवाओं में नशे की लत के बारे में बात करते हुए कॉमरेड बलवान पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहती है, जबकि पुरानी सरकार ने भी कई बार वादा किया था। प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा लगातार नशे की लत में फंसते जा रहे हैं, किंतु राज्य की बन रही तमाम सरकारें इस बारे में सोचना नहीं चाहती है। उन्होंने राज्य सरकार से इसको लेकर कोई योजना बनाने और उस पर काम करने का आग्रह किया।

कैंसर की बीमारी का जिक्र करते हुए बलवान पूनिया ने कहा कि बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरु, झुंझुनू समेत अनेक जिलों में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इन जिलों में कैंसर की संपूर्ण जांच करने के लिए कोई संस्था नहीं है। उन्होंने पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में कैंसर जांच का एक अच्छा सेंटर खोलने की मांग की है