विधानसभा में दिव्या मदेरणा में दिखी परसराम मदेरणा की छवि

जयपुर।

15 वी विधानसभा के पहले सत्र में जोधपुर जिले के ओसियां विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आईं परसराम मदेरणा की पोती दिव्या मदेरणा ने सदन में अध्यक्ष सीपी जोशी के चुनाव के बाद बधाई देते हुए अपने पहले ही उद्बोधन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश की राजनीति के भीष्मपितामह कहे जाने वाले दिग्गज कांग्रेसी परसराम मदेरणा की छवि दिखा दी।

नव निर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को शुभकामनाएं देते हुए विधायक दिव्या मदेरणा ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्षों का नाम लेते हुए विधानसभा की परंपराओं के लिए सभी को शुभकामनाएं दी, वहीं खुद के पहली बार चुनकर आने के चलते विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा विधानसभा की कार्यवाही और परम्पराएं सिखाने का आग्रह करते हुए उनके और उन जैसे ही अन्य विधायकों के ऊपर विशेष अनुकंपा रखने की भी अपील की।

इस दौरान दिव्या मदेरणा ने कहा कि उनके लिए वैसे तो राजस्थान विधानसभा का यह सदन कोई नई जगह नहीं है, यहां पर वह अपने दादा परसराम मदेरणा के समय से ही आती रहीं हैं, लेकिन विधायक के रुप में पहली बार चुनकर आईं हैं।

यूपीए सरकार में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री रहे सीपी जोशी को अपना मंत्री काल याद दिलाते हुए दिव्या मदेरणा ने कहा कि उन्हीं के कार्यकाल में वह जोधपुर जिले में दो बार जिला परिषद की सदस्य रह चुकीं हैं।

उन्होंने कहा कि अब तक की सभी विधानसभा कार्यवाहियों की प्रोसिडिंग पढ़ीं हैं, इसलिए नियमों की उन्हें खासतौर से जानकारी है, लेकिन फिर भी नई चीजों और सदन की कार्यवाही अनुभवी विधानसभा अध्यक्ष के साथ सीखने की ललक कभी कम नहीं होगी।

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हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद सीपी जोशी को नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, आरएलपी के संयोजक हनुमान बेनीवाल, माकपा के बलवान पूनिया समेत अनेक विधायकों ने अपने-अपने अंदाज में शुभकामनाएं दीं, लेकिन जिस अंदाज में दिव्या मदेरणा ने शुभकामना दी और उद्बोधन किया, उससे स्पष्ट है कि आने वाले वक्त में वह सियासत में लंबी रेस की राजनीतिज्ञ साबित होंगी।

गौरतलब है कि दिव्या मदेरणा परसराम मदेरणा की पोती हैं। उनके पिता महिपाल मदेरणा भी पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। परसराम मदेरणा न केवल राजस्थान की राजनीति के दिग्गज नेता थे, बल्कि 1957 से लेकर 2003 तक 9 बार विधानसभा सदस्य रहे।

इस दौरान उन्होंने अधिकांश विभागों में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वो दो बार नेता प्रतिपक्ष रहे और 1998 से 2003 तक विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। 16 फरवरी 2014 को दिग्गज कांग्रेसी नेता परसराम मदेरणा का सवाई मानसिंह अस्पताल में निधन हो गया था।