चेतावनी: मूंग की खरीद को लेकर और तेज होगा किसान आंदोलन…

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—मूंग की खरीद को लेकर और तेज होगा “मूंग मार्च “किसान आंदोलन, सरकार और प्रशासन किसानों को दे रही है धोखा, महला में आंदोलन को लेकर जुटे दूदू और फागी के किसान, बनाई आगे की रणनीति, केंद्र और राज्य सरकार की दोगली निति कर्जमाफी का ढोंग रच खरीद की बंद।

जयपुर।
राज्य में पिछले पांच दिनों से “मूंग” खरीद को लेकर प्रदेश के किसान सड़कों पर है और सरकार व प्रशासन है की केवल आश्वासन देकर टाल रही है और कार्यवाही के नाम पर केवल किसानों को सड़को पर कड़कड़ाती ठंड में रात बिताने पर मजबूर कर रही है।

राजस्थान में मूंग उत्पादक किसानों को सरकार और प्रशासन की दोगली नीतियों का शिकार होना पड़ रहा है एक तरह राज्य की कांग्रेस सरकार कर्जमाफी का ढिंढोरा पिट रही है तो दूसरी तरफ फसल खरीद बंद कर किसानों को आंसू बहाने पर मजबूर कर रही है।

किन्तु सरकार कितना ही किसानों पर अत्याचार कर लेंवे, लेकिन किसानों के साथ धोखा बर्दास्त नहीं किया जायेगा। किसान अपनी मांग और सरकार व प्रशासन के झूठे आश्वासन/वादों के खिलाफ अब अपना “मूंग मार्च” आंदोलन और तेज करेगा।

इसका निर्णय मंगलवार को अजमेर रोड़ के महला थाने के नजदीक चल रहे किसानों के पड़ाव में हुई दूदू और फागी के किसानों की बैठक में हुआ।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल जाट ने मंगलवार को एक बार फिर राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान हितैषी होने का दावा करने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की असलियत अब उजागर हो चुकी है।

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उन्होंने बताया की प्रदेश में 12.08 लाख टन मूंग का उत्पादन हुआ जिसमे से अभी तक केवल 2.36 लाख टन ही मूंग की खरीद की गई। जो कुल उत्पादन का 20 फीसदी भी नहीं हुआ।

जाट ने आरोप लगाया कि सरकार ने मूंग खरीद के लिए पंजीयन ही बंद किया हुआ है जिसके चलते प्रदेश के 52300 से ज़्यादा किसान प्रभावित हो रहे है क्योकि उनके मूंग की खरीद अभी तक नहीं हुई है जबकि 7 जनवरी को सरकार के घोषित 90 दिन भी पुरे हो गए है।

1 जनवरी से जारी आंदोलन के बाद से अब तक सरकार और प्रशासन दो बार आश्वासन दे चुका है किन्तु ना मूंग खरीद को लेकर अवधि बढ़ाई गई ना ही मूंग खरीद की घोषणा की गई।

जाट ने बताया कि मूंग खरीद एवं अवधि बढ़ाने को लेकर केंद्रीय कृषि सचिव, राजस्थान के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव तथा राजस्थान को-ओपरेटिव डिपार्टमेंट को पत्र लिखे जा चुके हैं।

पिछले शनिवार को प्रशासन ने केंद्र सरकार का हवाला देकर कहा था कि दो दिन में केंद्र से मूंग की अवधि बढ़वा ली जाएगी। यह अवधि भी खत्म हो चुकी है और अभी तक इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं हुये।

उधर, जयपुर में फागी से बगरू आ रहे मूंग से भरे 100 ट्रेक्टरों को प्रशासन आगे बढ़ने नही दिया। इन ट्रेक्टरों को फागी मंडी में ही रोक दिया गया। इससे किसानों में आक्रोश है।

मूंग मार्च जारी

उधर, किसानों का आंदोलन दूसरे चरण के पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। मूंग मार्च के तहत अजमेर रोड पर जयपुर के नजदीक महला में फागी और दूदू के किसान जुटे हुये हैं।

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यह आंदोलन किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में चल रहा है।

जाट ने बताया कि सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ किसानों में जबरदस्त आक्रोश है और इस बारे में किसान आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाने में जुटे हुये है।

जाट पूर्व में ही चेता चुके हैं इस बार ना झुकेंगे ना टूटेंगे, किसान अपना हक लेकर रहेंगे।