भारत बंद के दौरान दलितों पर दर्ज केस होंगे वापस, मायावती की धमकी के आगे झुकीं कांग्रेस की दो सरकारें

भोपाल/जयपुर।

बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीमो मायावती के द्वारा रविवार को कांग्रेस पार्टी से समर्थन वापस लेने की धमकी कारगर साबित हो गई है। कांग्रेस की मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार में दलितों पर दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया है।

मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पी सी शर्मा ने बताया कि 2 अप्रैल को दलित समुदाय के द्वारा भारत बंद के दौरान दर्ज किए गए सभी केस वापस लिए जाएंगे।

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आपको बता दें कि रविवार को ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा था, कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारत बंद के दौरान दलितों के ऊपर दायर किए गए सभी केस वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी के द्वारा कांग्रेस को समर्थन पर पुनर्विचार किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि बीते 15 साल के दौरान दलितों पर जितने भी राजनीतिक तौर पर केस दर्ज किए गए हैं, उन सब को कमलनाथ सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है।

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इधर, राजस्थान में भी पीसीसी में आज पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि दलितों के ऊपर किए गए उन सभी केसों को वापस लिया जाएगा, उनकी समीक्षा की जाएगी, जो राजनीतिक देश के कारण दर्ज किए गए थे।

अशोक गहलोत ने कहा है कि बीजेपी की सरकार ने द्वेषवश केस दर्ज किए गए हैं। इस तरह से राजनीति में किसी को दुश्मन मानकर केस दर्ज करना गलत है, और हम उन सबकी समीक्षा करने के बाद वापस लेने का काम करेंगे।

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आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पिछले साल जातिगत भेदभाव करने पर बिना जांच गिरफ्तारी वाले ‘अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989’ में बदलाव करने के निर्णय के बाद 2 अप्रैल को भारत में दलित समुदाय के द्वारा भारत बंद किया गया था।

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उल्लेखनीय है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा मिजोरम और तेलंगाना में 7 दिसंबर को चुनाव हुए थे। 11 दिसंबर 2018 को हुई मतगणना के दौरान राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकारें विदा हो गई और 3 राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी हैं।

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राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के 6 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि मध्य प्रदेश में दो और छत्तीसगढ़ में दो उम्मीदवार जीते। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास 113 विधायक होने के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी 116 का आंकड़ा नहीं था। ऐसे में बहुजन समाजवादी पार्टी ने साथ मिलकर कांग्रेस को संजीवनी देने का काम किया था।

राजस्थान में भी बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा था कि वह बिना शर्त के कांग्रेस पार्टी की सरकार को बाहर से समर्थन देने का ऐलान करती है। हालांकि, कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए जरूरी 100 सीटों (99+1) पर जीत मिल चुकी थी।