Video: जो कॉलेज अस्तित्व में ही नहीं, उसको राजस्थान विश्वविद्यालय ने बना दिया परीक्षा सेंटर

-राजस्थान विश्वविद्यालय ने चाकसू क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय को परीक्षा सेंटर बनाया है, जो कॉलेज वर्तमान में अस्तित्व में ही नहीं है।

रामगोपाल जाट

वैसे तो राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा समय-समय पर एक से बढ़कर एक कारनामे किए जाते रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय ने इस बार कारनामों की इस श्रृंखला में एक और बड़ा कारनामा किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बना दिया जो कहीं पर अस्तित्व में ही नहीं है।

मजेदार बात यह है कि जिस कॉलेज की मान्यता दो साल पहले खत्म हो चुकी है, ऐसे कॉलेज को विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जाम सेंटर बना दिया है। इससे भी मजेदार बाकी है कि शिकायत के बावजूद इस सेंटर को रद्द नहीं की गई है।

वीडियो में देखिए दोनों महाविद्यालयों का सच।

विवि सूत्रों के मुताबिक इस कॉलेज की मान्यता पिछले 2 वर्ष से नहीं है और परीक्षा नियंत्रक वीके गुप्ता को लिखित रूप से शिकायत करने के बावजूद भी इस परीक्षा सेंटर को रद्द नहीं किया गया है।

शिकायत करने वाले 5 महाविद्यालय संचालकों का कहना है कि इसके पीछे की कहानी यह है कि कस्तूरी देवी महाविद्यालय के भवन पर बैनर लगाकर उसी में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बता दें कि स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय राजेंदर का शर्मा हैं, जो कि कस्तूरी देवी महाविद्यालय के सचिव भी हैं।

इसको लेकर चाकसू के ही मानव पीजी महाविद्यालय, मानव स्नातक महाविद्यालय, एसएस महाविद्यालय, ओम कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स महाविद्यालय और श्री बालाजी कॉलेज कोटखावदा ने इसकी लिखित शिकायत की है।

जानकारी में आया है कि ऐसा इसलिए हो रहा है, जिससे कस्तूरी देवी महाविद्यालय अपने बच्चों की नकल करा सकें। शायद यही वजह है कि स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, जो कि बंद है, और जिसको वर्तमान में उसको मान्यता नहीं है, उसी को केंद्र बनाया गया है।

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विवेकानंद महाविद्यालय के पास किसी तरह का भवन नहीं है, उसके बावजूद विवि प्रशासन यहां पर टेंट लगाकर परीक्षा करवाने पर आमदा है। आरोप है कि राजस्थान विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक को शिकायत करने के बाद भी केंद्र रदद् नहीं किया जा रहा है।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि ऐसी क्या मजबूरी है, जो ऐसा सेंटर बनाया जा रहा है? शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विवि के सम्बंधित अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया है।

विवि परीक्षा नियंत्रक, रजिस्ट्रार, और कुलपति को इसकी शिकायत करने पर भी इस परीक्षा सेंटर को बरकरार रखा है। मांग है कि स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय को भविष्य में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाए, इसकी पिछली बार उड़न दस्ते के अधिकारियों ने केंद्र नहीं बनाए जाने की बात कही थी।

इसके बावजूद भी इसको दोबारा से परीक्षा सेंटर बना दिया गया, यह बहुत बड़ी मिलीभगत की तरफ इशारा करता है। आरोप है कि महाविद्यालय संचालक और विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की मिलीभगत है।

गंभीर बात यह भी है कि जिस रुक्मणि कॉलेज की जगह स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय बताकर परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उसमें भी महज 2 कमरे हैं, जिनमें अधिकतम 100 छात्र बैठ सकते हैं, किन्तु यहां करीब 1000 छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है।