51 किसान ज़मीन में, सरकार बनी मूकदर्शक

“जमीन समाधि सत्याग्रह” दिनांक 2 मार्च 2020. नींदड़ में जमीन समाधि सत्याग्रह आंदोलन का तीसरा दिन है।

नींदड़ में ज़मीन बचाने के लिए 51 किसान जिनमें 16 महिलाएं तथा शेष 35 पुरुष जमीन समाधि में बैठे हैं। किसानों ने कहा है कि राजस्थान सरकार से अपेक्षा करते हैं कि नींदड़ के किसानों की समस्या के समाधान के लिए संघर्ष समिति से जल्द से जल्द वार्ता हेतु सरकार पहल करेगी।

नेतृत्वकर्ता नगेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम राजस्थान सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करने के लिए तैयार है लेकिन जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के साथ अब हम कोई वार्ता नहीं करेंगे।

चूंकि अब तो सार्वजनिक मंच पर खुद मुख्यमंत्री जेडीए को एक भ्रष्ट विभाग के रूप में संबोधित कर चुके हैं तो हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नींदड़ के किसानों के दर्द को समझेंगे।

जेडीए के द्वारा की जा रही मनमानी को रोकने के लिए तथा किसानों को उनका वाजिब हक देने के लिए जल्दी से जल्दी नींदड़ के किसानों के साथ वार्ता का निमंत्रण सरकार के द्वारा हमें मिलेगा।

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