दरगाह में चादर-फूल चढ़ाते हैं, शहीद स्मारक को शाहीन बाग बताते हैं, रतनलाल के नहीं जाते, क्या हिंदू विरोधी नहीं हैं गहलोत: डॉ. पूनियां

अजमेर दरगाह में चादर चढ़ाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रभारी अविनाश पांड़े और अन्य मंत्री व विधायक।
अजमेर दरगाह में चादर चढ़ाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रभारी अविनाश पांड़े और अन्य मंत्री व विधायक।

जयपुर।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भाजपा अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने एक बार फिर से सियासी हमला किया है और सवाल खड़े किए हैं कि क्या अशोक गहलोत हिंदू विरोधी नहीं हैं? उन्होंने इसके उदाहरण भी दिए हैं और गहलोत को इस गलत साबित करने की चुनौती भी दी है।

सीकर के शहीद हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल, जो कि दिल्ली में आतंकी दंगों में शहीद हो गए थे, उनके सरकार के किसी भी मंत्री, विधायक द्वारा नहीं जाने पर सवाल उठाते हुए डॉ. सतीश पूनियां कहते हैं कि जिस शहीद को भाजपा सम्मान देती है, उसके घर पर लगातार संपर्क में है, वहां गहलोत नहीं जाते हैं, लेकिन दरगाह में चादर और फूल चढ़ाना नहीं भूलते हैं।

डॉ. पूनियां ने गहलोत के कार्यकलापों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि खाटू श्याम मंदिर प्रांगण में भंड़ारा करने वाले पर यात्रियों अनुमति शुल्क 2100 रुपये से बढ़ाकर 21000 रुपये किए जाना क्या सरकार की हिंदू विरोधी नीति को उजागर करता है?

इसके साथ ही उनका कहना है कि जयपुर में शहीद स्मारक, जो कि देश के लिए जान देने वालों की याद में बनाया गया है, वहां पर बैठे सीएए विरोधियों के समर्थन में जाकर उस जगह को शाहीन बाग कहते हैं, ऐसे मुख्यमंत्री से जनता निष्पक्षता की क्या उम्मीद कर सकती है?

डॉ. पूनियां ने कहा है कि यह कांग्रेस की हमेशा की नीति रही है, जिसमें हिंदुओं को दबाया जाता है और मुसलमानों को समर्थन दिया जाता है। यही गहलोत की सरकार खुलेआम कर रही है, जो साबित करता है कि वो हिंदू विरोधी और देश विरोधी ताकतों के साथ हैं।

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उल्लेखनीय है कि गहलोत की सरकार ने सीएए के विरोध में दो बार जयपुर में मार्च निकाला और उसके बाद शहीद स्मारक पर धरने में शामिल मुस्लिम समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में 400 जगह ऐसे धरने चल रहे हैं और केंद्र की सरकार मुसलमानों को एनआरसी के जरिए बाहर निकालना चाहती है।

यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि दिल्ली के देश विरोधी साबित होते जा रहे दंगों में शहीद हुए सीकर के लाल हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल के घर पर सीएम गहलोत, डिप्टी सीएम पायलट, कोई मंत्री, विधायक नहीं गया, न ही राज्य सरकार ने कोई सहायता राशि दी है।

इधर, हमेशा की भांति इस बार भी एक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, कई मंत्रियों और विधायकों ने मिलकर अजमेर दरगाह पर सोनिया गांधी की चादर चढ़ाई है। साथ ही अकीदद के फूल भी चढ़ाए हैं।