राजस्थान में 1500 किसानों ने मांगी इच्छा मृत्यु, कारण जानकर आपको आश्चर्य होगा

– भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जा रही है किसानों की जमीन कलेक्टर से वार्ता बेनतीजा रही, महापड़ाव की दूसरे दिन 15 सौ किसानों ने इच्छा मृत्यु की मांग की है।

राजस्थान के बीच से गुजर रही भारतमाला प्रोजेक्ट, जो कि पंजाब को गुजरात से जोड़ देगी। इस मामले को लेकर राज्य के 15 किसानों ने इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।

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महापड़ाव को नेतृत्व देते किसान नेता।

भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत अमृतसर से लेकर गुजरात के जामनगर तक प्रस्तावित इस महा एक्सप्रेस हाईवे को लेकर राजस्थान में विरोध जता रहे कई जिलों के किसानों ने बागोडा के दादाल सरहद में महापड़ाव कर रखा है, इसका आज तीसरा दिन है।

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महापड़ाव में शामिल किसान और उनके प्रतिनिधि।

महापड़ाव में शामिल किसानों की शनिवार को एसडीएम के साथ वार्ता हुई, जिसमें किसान प्रतिनिधियों के द्वारा अपनी मांगों को रखा गया, लेकिन यह वार्ता बेनतीजा साबित हुई।

उपस्थित किसानों ने एसडीएम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसमें महापड़ाव में शामिल 15 सौ किसानों के इच्छामृत्यु मांगने की बात कही गई।

इसके बाद शनिवार शाम को जालौर में किसानों ने कलेक्टर से भी वार्ता की, लेकिन कलेक्टर हिमांशु गुप्ता के साथ हुई वार्ता विफल हो गई।

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महापड़ाव को संबोधित करते किसान नेता।

किसानों के प्रतिनिधि रमेश दलाल और कलेक्टर हिमांशु गुप्ता की वार्ता के दौरान कलेक्टर ने अन्य नेताओं की मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही है।

लेकिन इस मामले पर ठोस हल नहीं निकालने तक किसानों ने महापड़ाव से नहीं हटने का फैसला किया है। किसानों के नेता रमेश दलाल ने बताया कि सोमवार को एक बार फिर से किसानों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ वार्ता करेगा।

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उनका कहना है कि जब तक किसानों की मांगों को मान नहीं लिया जाएगा, तब तक यह महापड़ाव जारी रहेगा।