‘स्वर्ण भारत अभियान’ पर हैं ओडिशा के सत्यनारायण दास, 24 राज्यों में करे चुके हैं इतना बड़ा काम

—शनिवार को राजस्थान भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के हाथ पौधारोपण करवाया है।
रामगोपाल जाट


ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर के सामने रहने वाले सत्यनारायण दास पूरे देश को हरा-भरा कर ग्लोबल वॉर्मिंग के खतरे से निपटने के लिए ‘स्वर्ण भारत अभियान’ पर निकले हैं।

सत्यनारायण दास ने अब तक देश के 24 राज्यों में पौधारोपण किया है और बचे हुए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, त्रिपुरा, उत्तराखंड़, मेघालय, नागालेंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और अंडमान निकोबार में पौधारोपण करने निकल पड़े हैं।

सत्यनारायण दास कहते हैं कि वो हमेशा अकेले ट्रेन के द्वारा पूरे देश में घूम-घूमकर इस अभियान को पूरा कर रहे हैं। दास ने अभी तक किसी भी राज्य की सरकार या संस्था से एक रुपये की सहायता नहीं ली है और न ही आगे लेना चाहते हैं।

उनका कहना है कि वो इसलिए किसी सहायता से दूरी बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे पूर्ण्य कार्य में राजनीति हो जाती है और लक्ष्य से भटक जाता है।

दास के परिवार में उनकी मां के अलावा पत्नि और एक बेटी भी है, जो उनको इस कार्य के लिए उत्साहित करतीं हैं। पेशे से ओटोमाबाइल इंजिनियर डिप्लोमाधारी दास चाहते हैं कि कम से कम ओडिशा के विभिन्न प्रदेशों में रहने वाले करीब 1.5 करोड़ लोग इस तरह के अभियान में शामिल होकर पूरे देश में हरियाली की चादर बिछाने में मदद करें।

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उन्होंने शनिवार को जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के हाथों यहां पौधारोपण करवाया। इस दौरान भाजपा के कई विधायक और सांसद मौजूद थे।

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दास ट्रेन से यात्रा करते हैं और राज्यों में स्थानीय सार्वजनिक वाहन का इस्तेमाल करते हैं। पौधों को टोकरी में रखते हैं। बेहद शालीन और साधारण दिखने वाले दास का लक्ष्य बहुत बड़ा है।

सत्यनारायण दास अपने कार्य और विश्वास के साथ कहते हैं कि यदि उनकी तरह पूरे देश के लोग इस तरह अपने-अपने क्षेत्र में पौधारोपण करें तो न केवल ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या हमेशा के लिए खत्म् हो जाएगी, बल्कि युवाओं की बेरोजगारी भी स्वत: ही दूर हो जाएगी।

सत्यनारायण बताते हैं कि प्रत्येक राज्य में कम से कम 40 पौधे लगाते हैं। खास बात यह है कि वो पौधे ओडिशा से ही लेकर चलते हैं।

दास जो पौधे रोपित करते हैं उसमें दालचीनी, सुगंधराज, अर्जुून, कडीपत्ती और मेंघा कोहली जैसी प्रजातियां शामिल हैं। वो पूरे देश में इस अभियान को हर युवा के हाथ देखना चाहते हैं।

उनका कहना है कि वो राजनीतिक पार्टियों के प्रदेश कार्यालयों, बड़े अस्पतालों, बड़ी स्कूलों, कॉलेजों, पत्रकार संगठनों के कार्यालयों और इसी तरह के अन्य सार्वजनिक कार्यालयों के परिसरों में पौधारोपरण कर लोगों को ‘स्वर्ण भारत’ का संदेश रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि वो हमेशा इसी कार्य में लगे रहते हैं, बल्कि हर राज्य में पौधारोपण करने के बाद में अपने घर जाते हैं और अपने परिवार के लालन-पालन के कार्य को भी बखूबी निभाते हैं।

जब उनके परिवार के लिए एक-आधा महीनें तक जीवन-यापन की व्यवस्था हो जाती है तो फिर से अपने सपने को पूरा करने के लिए निकल पड़ते हैं। दास बीते दो साल से इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं। 

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