परिवहन विभाग के घोटाले की भेंट चढ़ गईं 24 जिंदगियां

-मेज नदी हादसे की जांच करेंगे परिवहन अधिकारी: धारीवाल, विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर सरकार ने दिया जवाब, भाजपा ने राजनीति का आरोप लगाते हुए किया वाकआउट
जयपुर
बूंदी जिले के लाखेरी के निकट मेज नदी पर हुए हादसे को लेकर गुरूवार को विधानसभा में हंगामा हुआ और भाजपा ने वाकआउट किया।

भाजपा नेताओं के स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को कोटा भेज दिया गया है और ये अधिकारी दुर्घटनाग्रस्त मिनी बस के कागजात के साथ ही मौके पर जाकर हादसे के कारणों की जांच भी करेंगे। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने मृतकों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की मंाग की।

सदन में शून्यकाल के दौरान भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड, चन्द्रकान्ता मेघवाल और संदीप शर्मा ने स्थगन प्रस्ताव पेश कर मृतकों को 10 लाख का मुआवजा देने की मांग की।

इसके जवाब में मंत्री धारीवाल ने बताया कि हादसे में 24 लोगों की मौत हुई जिसमें 10 पुरूष, 10 महिलाएं, 2 बालक तथा 2 बालिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा दो पुरूष, एक महिला, एक बालक और एक बालिका घायल है।

पुलिस को बस में से जो कागजात मिले उसमें उसकी फिटनेस तथा अन्य दस्तावेज शामिल हैं। क्रेन के माध्यम से बस को निकलवाया गया तो उसका एक्सल टूटा हुआ मिला है।

ऐसे में हादसे का कारण एक्सल टूटना, टायर फटना या स्टेयरिंग जाम होना हो सकता है। इसके लिए परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे।

नगरीय परमिट की थी मिनीबस
धारीवाल ने बताया कि बस नगरीय परमिट की थी और परमिट 19 जुलाई 2023 तक का है, बस का बीमा भी था, सवाईमाधोपुर जाने के लिए अस्थायी परमिट बनवाया था।

इस मामले में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड ने कहा कि सरकार बताए कि निगरीय परमिट की बस  कैसे बाहर गई। राठौड, चंद्रकांता मेघवाल और संदीप शर्मा ने मृतकों के परिजनो को 10-10 लाख के मुआवजे दिए जाने की मांग की।

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नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इस मामले में गलती पाए जाने पर बस मालिक के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

तभी निर्दलीय संयम लोढ़ा ने कहा कि इस घटना पर पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर दुख जताया है क्या पीएम सहायता कोष से भी सहायता की घोषणा हुई है। पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा के चेहरे पर घटनास्थल पर जाने पर मिट्टी पोतने के क्या कारण रहे।

मंत्रीजी इस मामले पर राजनीति नहीं
चर्चा के दौरान भाजपा की चन्द्रकान्ता मेघवाल ने पुलिस की चौडाई कम होने की बात कही तो धारीवाल ने कहा कि इस हाइवे का निर्माण किसके समय हुआ था।

इस पर मेघवाल ने कहा कि हाइवे 2006 में भाजपा के शासन में बना था किन्तु मंत्रीजी इस मामले में राजनीति मत करो। इस पर सभी भाजपा सदस्य खडे होकर विरोध करने लगे तथा कुछ देर चले हंगामे के बाद भाजपा सदस्य वाकआउट कर दिए।
सीएम आज मिलेंगे पीडितों से
बहिर्गमन कर वापस लौटे उपनेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि मामले की जांच परिवहन अधिकारियों के स्थान पर अतिरिक्त जिला कलक्टर से करवाने की मांग की। इस पर धारीवाल ने बताया कि जांच एडीएम से करवा लेंगे और घटना से पीडितों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को वहां जाएंगे।

प्रदेश के 95 पुलिस थानों में बने स्वागत कक्ष: धारीवाल

संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के 95 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष का निर्माण हो चुका है और 317 पुलिस थानों में निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं 457 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष बनाया जाना शेष है।

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प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के रामलाल शर्मा के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 63 पुलिस थानों के लिए 4.41 करोड रूपए का बजट आवंटित किया गया है।

अब तक 135 विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष, 91 जन सहभागिता, 66 स्टेट प्लान, 48 सीएसआर, 17 पंचायत राज संस्थाओं, 14 नगरपालिकाओं, 10 मनरेगा, 9 नगर विकास न्यास, 4 जिला कलक्टर के अनटाइड फण्ड तथा 4 राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं।

इसमे एक थाने में स्वागत कक्ष बनाने के लिए 7 लाख रुपए का खर्च आता है इसके अलावा 98 हजार रुपए फर्नीचर के लिए भी चाहिए होते हैं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सवाल उठाए कि कई जिलो में एक भी पुलिस थाना स्वागत कक्ष के लिए नहीं चुना गया है।

इस पर धारीवाल ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में चुनिंदा पुलिस थाने ही लिए गए हैं। राज्य सरकार की सोच है कि यदि जमीन उपलब्ध है तो थाने में ही स्वागत कक्ष बनाया जाएगा या फिर थाने के ही भवन में स्वागत कक्ष संचालित किया जाए। 

मेज नदी हादसे के मृतकों को विधानसभा में श्रद्धांजलि

विधानसभा में गुरूवार को राजस्थान विधान सभा के पूर्व सदस्य स्व. हजारीमल सारण तथा कोटा-दौसा मेगा स्टेट हाइवे पर मेज नदी में गिरने से हुई दुर्घटना में 24 व्यक्तियों की मृत्यु पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके शोक संतप्त परिजनों को इस बिछोह सहन करने के लिए शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने शोक प्रस्ताव रखते हुए स्व. सारण के राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक एवं अन्य क्षेत्रों में दी गई सेवाओं की सराहना की। सारण का 25 फरवरी को निधन हो गया था।

वित्तीय अनियमितताओं पर कोटा में 4 ई मित्र कियोस्क बंद

ऊर्जा मंत्री डॉ.बी.डी. कल्ला ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि कोटा में अधिक राशि की शिकायत एवं वित्तीय अनियमितता पर 4 ई मित्र कियोस्कों को एफआईआर दर्ज होने के बाद स्थायी रूप से बन्द किया गया है।

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कल्ला ने प्रश्नकाल में विधायक संदीप शर्मा के प्रश्न के जवाब में बताया कि डिस्कॉम विभाग के आशु चौधरी कियोस्क पर वसूली की जा चुकी है, इसी तरह पीएचईडी विभाग के आशु चौधरी तथा अजय मित्तल कियोस्क पर वसूली की जा चुकी है।

पीएचईडी विभाग के तालिब कादरी कियोस्क तथा डिस्कॉम के शैलेन्द्र शर्मा कियोस्क के प्रकरण में वसूली राशि की गणना का कार्य सम्बन्धित विभागके स्तर पर प्रगति पर है। गबन राशि की गणना के बाद नियमानुसार वसूली की जाएगी।

उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश में 687 ई  मित्र कियोस्क पर आधार कार्ड बनवाने और आधार अपडेशन सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। 

चित्तौड किले की बढाई जाएगी सुरक्षा

कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने गुरूवार को विधानसभा में बताया कि चित्तौडग़ढ़ दुर्ग की सुरक्षा के लिए वर्तमान में 36 आम्र्ड और अनाम्र्ड सुरक्षा गाड्र्स तैनात है। इनमें 12 आम्र्ड गाड्र्स तथा 24 अनाम्र्ड गाड्र्स आठ-आठ घंटे की ड्यूटी करते हैं।

भाजपा सदस्य चन्द्रभान सिंह आक्या की मांग पर उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर दुर्ग की सुरक्षा के लिए गार्डस की संख्या बढाई जाएगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से प्राप्त सूचना के अनुसार विगत वर्षों में चित्तौडग़ढ़ दुर्ग के इतिहास तथा पुरातात्विक एवं कलात्मक कृतियों से छेड़छाड़ की कोई शिकायत नहीं मिली है।

राज्य में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के संरक्षित चित्तौडग़ढ़ दुर्ग, जैसलमेर का किला, कुम्भलगढ़ दुर्ग, भटनेर दुर्ग, मण्डोर दुर्ग, बयाना का किला और शेरगढ़ का किला संरक्षित है। चित्तौड किले की सुरक्षा के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आवश्यक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।