बजट पूरी तरह से दिशाहीन, मुद्दाहीन, अर्थहीन, तथ्यहीन, आधारहीन, संख्याहीन और परिणाम संगीन, जनता गमगीन: डाॅ. पूनियां

-बजट में भी मुख्यमंत्री गहलोत
मोदी फोबिया से ग्रस्त, देश के विभाजन की बर्बादी पर वे बोलते नहीं, आपातकाल के झटकों पर मुंह खोलते नहीं,राज के मजे लिए 50 साल, तब महंगाई, भ्रष्टाचार, बेकारी से देश रहा बदहाल: डाॅ. पूनियां

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आज गुरुवार को विधानसभा में बजट चर्चा में भाग लेते हुए बोला मुख्यमंत्री शायद मोदी फोबिया से ग्रस्त हैं, इसलिए उन्होंने सबसे पहले बजट की शुरूआत जीएसटी और नोटबंदी से की और इस सम्बन्ध में उन्होंने टूटा-फूटा शेर भी अर्ज किया कि ‘‘नोटबंदी पर मुंह खोलते नहीं, जीएसटी पर बोलते नहीं।’’

इसके जवाब में डाॅ. पूनियां ने शेर पढ़ते हुए कहा कि ‘‘देश के विभाजन की बर्बादी पर वे बोलते नहीं, आपातकाल के झटकों पर मुंह खोलते नहीं। राज के मजे लिए 50 साल, तब महंगाई, भ्रष्टाचार, बेकारी से देश रहा बदहाल।

फिर भी करते रहे शासन और कहते रहे हमारा शासन बेमिसाल, यह कैसी फितरत है जादूगर, भोली-भाली जनता को ठगकर भी सच बोलते क्यों नहीं, देश के विभाजन की बर्बादी पर मुंह खोलते क्यों नहीं।’’

डाॅ. पूनियां ने जीएसटी और नोटबंदी पर बोलते हुए कहा कि 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इसकी चर्चा हुई, उस चर्चा के दौरान इसे क्रांतिकारी कदम कहा गया।

नोटबंदी से नकली नोट समाप्त हुए, बैंकों में काला धन जमा हुआ, 99 लाख, 49 हजार नए करदाता बढ़े। सरकारी खजाने में इजाफा हुआ। संदिग्ध खाते बंद हुए। दो लाख चैबीस हजार फर्जी कम्पनियां बंद हुई।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट में सात संकल्पों पर बोलते हुए डाॅ. पूनियां ने निरोगी राजस्थान के बारे में बोला कि कोटा के जेके लाने अस्पताल की घटना से सरकार के चिकित्सा विभाग के प्रति लापरवाही साफ नजर आती है।

इस बजट में सीएचसी, पीएचसी और सबसेंटर के बारे में मौन है। जनता क्लीनिक की इस बजट में घोषणा की है, जो पिछली बार भी की थी, लेकिन जनता क्लीनिक के नाम पर तीन क्लीनिक के उद्घाटन का दिखावा जरूर किया गया।

सवाईमान सिंह अस्पताल को छोड़कर पूरे प्रदेश के अस्पतालों में बेसिक जांच की सुविधाएं नहीं है। मुफ्त दवाओं के नाम पर सिर्फ 14 दवाएं ही उपलब्ध हैं।

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गुटखे और पानमसाले पर पाबन्दी जरूर लगाई है, लेकिन राजस्थान में नौजवानों पर पंजाब की तरह नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उसके रोकथाम पर कोई चर्चा नहीं की।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि दूसरे संकल्प में सम्पन्न किसान की बात की गई है। किसानों के लिए दस दिन में सम्पूर्ण कर्जा माफी की बात की गई, लेकिन कर्जा माफ नहीं किया।

सरकार को सदन में इसका जवाब देना होगा। किसानों के लिये अनाज की पचास प्रतिशत भंडारण व्यवस्था भी नहीं करी है।

अपराधों की दृष्टि से राजस्थान शर्मसार हुआ है। ढाई लाख से भी ज्यादा मुकदमें दर्ज हुए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि अपराधों के मामले में महिला अपराधों की बढोतरी हुई, फिर महिला अपराधों की रोकथाम के लिये बजट में कोई प्रावधान नहीं है।

सरकार की जनजाति 2020 की प्रगति रिपोर्ट कहती है कि कल्याण निधि का 55 प्रतिशत खर्च नहीं किया गया। केन्द्रीय सहायता जो जनजातीय क्षेत्र के लिए मिलती है, उसमें आपने 54 प्रतिशत फंड खर्च नहीं किया।

यह सरकार के लिये शर्मिन्दगी की बात है। आपने वोट बटोरने के लिये बेरोजगारी भत्ते की घोषणा की। प्रदेश में 27 लाख बेरोजगार हैं, लेकिन आपने डेढ़ लाख को भत्ता देकर इतिश्री कर ली।

पानी, बिजली और सड़क के मुद्दे पर पिछली सरकार की जल स्वालम्बन योजना का नाम बदलने से उस योजना की क्रियान्विती नहीं हो सकती, जब तक आपकी नीति और नियत स्पष्ट न हो।

बिजली के लिए स्कीम निकाली, लेकिन 60 लाख उपभोक्ताओं का जिक्र नहीं किया। बिजली के दाम कैसे कम करोगे इसका भी कोई जिक्र नहीं किया।

सड़कों पर अपने विधानसभा क्षेत्र आमेर का उदाहरण देते हुए कहा डाॅ. पूनियां ने कहा कि जिन सड़कों का डामरीकरण नहीं हुआ, उनका शिलान्यास हो गया, ग्रेवल सड़कें बन गई, लेकिन उन पर डामरीकरण आज तक नहीं हुआ।

बराबर जवाब मांगते है, लेकिन विभाग ने कभी जवाब नहीं दिया। सातवां संकल्प कौशल तकनीकी विकास प्रधान केंद्र की योजनाओं को कट, काॅपी, पेस्ट जरूर किया है, लेकिन राजस्थान कौशल विकास का जो आंकड़ा आप बताते हैं, उसमें सच्चाई नहीं है।

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इस बजट में राजस्थान के लिये महत्त्वपूर्ण पर्यटन, पर्यावरण, युवा-खेल, नगरीय निकाय और जनजाति विकास के लिये कोई खास प्रावधान या बजट नहीं रखा।

इस बजट में दलितों, आदिवासियों, बच्चे, बूढ़े, और जवानों के आंसुओं का हिसाब नहीं है। 2019 के राज्यपाल के भाषण से लेकर अब तक पूरे सवा साल में 90 प्रतिशत काम ऐसे हैं, जिन पर अमल नहीं हुआ।

डाॅ. पूनियां ने आमेर क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र भी किया, जिनमें अस्पताल, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य इत्यादि जनहित के मुद्दे हैं, जिन पर सरकार सुनवाई नहीं कर रही।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट को सार रूप में बताते हुए डाॅ. पूनियां ने कहा कि यह बजट है इन, मीन, तीन, दिशाहीन, मुद्दाहीन, कर्महीन, दृष्टिहीन, मतिहीन, गतिहीन, अर्थहीन, तथ्यहीन, संख्याहीन, परिणाम संगीन और इन सबके आगे राजस्थान की जनता गमगीन।

परिवहन मंत्री को हटाने की मांग को लेकर भाजपा उतरी सड़कों पर एवं मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

भाजपा जयपुर शहर द्वारा आज गुरूवार को राजस्थान में परिवहन विभाग में हुए संगठित भ्रष्टाचार एवं उसके मुख्य जिम्मेदार परिवहन मंत्री के त्यागपत्र और उन्हें बर्खास्त करने की मांग को लेकर सिविल लाईन्स स्थित हवा सड़क पर विरोध-प्रदर्शन किया गया।

भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील कोठारी ने बताया कि रामनगर मेट्रो स्टेशन से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित होकर प्रताप सिंह खाचरियावास को मंत्री पद से हटाने के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर कुच किया और बीच रास्ते में पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर उनको हवा सड़क पर ही रोक दिया, जहाँ पर भाजपा नेताओं एवं सभी कार्यकर्ता ने सड़क पर बैठकर परिवहन मंत्री के खिलाफ नारे लगाते रहे।
इस अवसर पर जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील कोठारी, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरुण चतुर्वेदी तथा अशोक परनामी, पूर्व विधायक मोहन लाल गुप्ता, सुरेंद्र पारीक एवं कैलाश वर्मा ने डीसीपी योगेश दाधीच को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया, जिसमें परिवहन मंत्रालय में हुए भ्रष्टाचार को लेकर परिवहन मंत्री को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई।

जयपुर सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि जो लोग परिवहन मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार की बात करता है, परिवहन मंत्री उन लोगों को धमकाने का कार्य कर रहे है।

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भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि परिवहन विभाग में संगठित रूप से और सरकार में परिवहन मंत्री की सरपरस्ति में जो भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है जो कि राजस्थान में पहली बार सरकार के संरक्षण में इस प्रकार संगठित रूप से भ्रष्टाचार का मामला हुआ है।

एसीबी भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती हैं, लेकिन उनको परिवहन मंत्री द्वारा धमकाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जसवंत दलाल के परिवहन मंत्री से क्या सम्बन्ध है इसके बारे में प्रदेश की जनता जानना चाहती है।

भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि मुख्यमंत्री जीरो टाॅल रेंस की बात करते है जबकि दूसरी तरफ संगठित भ्रष्टाचार की बात उजागर होने के बाद भी अभी तक सिर्फ छोटे कर्मचारी और दलालों के ऊपर ही कार्रवाई हुई है जबकि सम्पूर्ण भ्रष्टाचार में मुख्य स्त्रोत का अभी तक न तो उजागर किया है न उनके खिलाफ कार्रवाई की है। यह उनके जीरो टाॅल रेंस और उनके दावे पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।

पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि परिवहन मंत्री इस भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वयं इस्तीफा देते, परन्तु इस्तीफा देने के स्थान पर अधिकारियों को धमकाना प्रारम्भ कर दिया व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की आगे की कार्यवाही में भी अवरोध पैदा करने का काम कर रहे है।

इससे इस भ्रष्टाचार में लिप्त सम्पूर्ण लोगों की लिप्तता व उनके खिलाफ कार्यवाही करने में अड़चन पैदा हो रही है।

पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता ने कहा कि परिवहन मंत्री की हरकते ऐसी है जैसे कि ‘‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’’, ‘‘चोरी ऊपर से सीना जोरी’’ कर रहे है। खुद के भ्रष्टाचार की बात तो करते नहीं है और इधर-उधर की बातें कर रहे है।

पूर्व संसदीय सचिव कैलाश वर्मा ने कहा कि इस समय कांग्रेस सरकार दो धड़े में बटी होने के कारण जनता परेशान हो रही है।