Video: जयपुर के इस संस्कृत विद्यालय में बच्चे करते हैं साफ-सफाई, जिम्मेदार नदारद…देखिए हकिकत

यह राजकीय आदर्श प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय प्रताप नगर जयपुर का विद्यालय परिसर है।
यह राजकीय आदर्श प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय प्रताप नगर जयपुर का विद्यालय परिसर है।

जयपुर।
यह राजकीय आदर्श प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय प्रताप नगर जयपुर का विद्यालय परिसर है। यहां पर सुबह—सुबह बच्चे और बच्चियां अध्ययन करने आते हैं, किंतु अध्ययन से पहले उनको विद्यालय की साफ सफाई करना होती है। इसके लिए बच्चों को समय से पहले विद्यालय पहुंचना होता है।

हालात यह है कि यहां पर जब सुबह—सुबह हमारे संवाददाता पहुंचे तो एक भी शिक्षक या चपरासी मौजूद नहीं था। बच्चों का साफ तौर पर कहना है कि यह कार्य उनको अध्ययन कार्य शुरु होने से पहले प्रतिदिन करना होता है।

जब संवाददाता ने बात की तो बच्चों ने बताया कि वो 6ठी, 8वीं कक्षा के पढ़ने वाले बच्चे और बच्चियां हैं, जो विद्यालय में आते ही झाडू निकालना पड़ता है। पूरे विद्यालय परिसर में झाडू निकालने के बाद उनकी प्रार्थना होती है और फिर अध्ययन कार्य शुरु होता है।

https://youtu.be/GQZd6P_OCEE

संवाददाता ने बच्चों से पूछा कि चपरासी के द्वारा झाडू निकालने के लिए नहीं कहा जाता है, तो बच्चों ने बताया कि उनको पहले आकर विद्यालय परिसर में सफाई करनी होती है, उसके बाद प्रार्थना और फिर अध्ययन कार्य शुरु होता है।

जब तक विद्यालय में यह कार्य किया जा रहा था, तब तक विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं मिला और न ही कोई अन्य स्टाफ था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सरकार ने विद्यालयों में चपरासी नहीं लगा रखे हैं, जिसके चलते इन नन्हें नन्हें बच्चों को साफ सफाई करनी होती है?

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