रतनलाल का नहीं हो पा रहा अंतिम संस्कार, जानिए क्यों रुका आखिरी सफर?

-हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल को शहीद का दर्जा देने की मांग, धरने पर बैठा परिवार

Sikar news

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग अलावा जफराबाद और भजपनपुरा में बैठे मुस्लिम समुदाय के लोगों को और एक दूसरे गुट के आमने सामने होने के बाद दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियों की गोली से घायल हुए रतनलाल का निधन हो गया।

रतनलाल को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर सीकर, जो कि उनका गृह जिला है, में लोग धरने पर बैठ गए हैं। इससे पहले राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को सीकर फतेहपुर के स्थानीय विधायक ने रतनलाल को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।


धरने पर बैठे परिवार और अन्य लोगों का कहना है कि जब तक रतनलाल को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा, वो उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। दिल्ली के भजनपुरा में हुई हिंसा के दौरान रतनलाल की उपद्रवियों द्वारा गोली मारने से सोमवार को मौत हो गई थी। बुधवार को उनके परिवार ने पैतृक गांव जाने वाले रास्ते पर जाम लगा दिया गया है। उनके पार्थिव देह को यहीं रोक दिया गया है।

सीकर जाने वाली सड़क पर रतनलाल के परिवार ने तीन किलोमीटर का धरना किया। लोगों और परिजनों का कहना है कि जब तक रतनलाल को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा, तबतक उनका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल रतनलाल का पैतृक गांव फतेहपुर शेखावाटी के तिहावली है, जहां पर लोग धरना दे रहे हैं।

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