लाहोटी द्वारा गहलोत के चरण छूने के पीछे कहीं एसीबी की जांच और पीएचईडी के ठेके तो नहीं?

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सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहोटी के द्वारा सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफों के पुल बांधने के बाद उनको पार्टी की तरफ से कड़ी फटकार लगाई गई है, जिसको लेकर लाहोटी ने सफाई देते हुए कहा है कि वह तो केवल सरकार के ऊपर कटाक्ष करते थे।

इस प्रकरण को लेकर खुद अशोक लाहोटी भी सफाई देते फिर रहे हैं। उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्होंने सरकार की शान में कसीदे नहीं पढ़े, बल्कि उन्होंने सार्वजनिक मंच से अशोक गहलोत और राज्य की सरकार के ऊपर कटाक्ष किए थे।

इस बीच भाजपा सूत्रों का कहना है कि जयपुर में महापौर रहते हुए अशोक लाहोटी के द्वारा कथित तौर पर घोटालों की फाइल एंटी करप्शन ब्यूरो के पास है। जिसके चलते वह दबाव में है और सरकार के पक्ष में बातें कर रहे हैं, ताकि उनको किसी भी तरह से राहत मिल सके।

इतना ही नहीं बीजेपी के सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि सरकार के द्वारा जल्द ही जलदाय विभाग में ठेके के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें भी अशोक लाहोटी के द्वारा ठेके अर्जित करने की लालसा बताई जा रही है।

आपको बता दें कि सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी के पिता और एक भाई जलदाय विभाग समेत विभिन्न विभागों के ठेके लेते हैं। लाहौटी के द्वारा सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री गहलोत की शान में कसीदे पढ़ने को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

जिस मंत्र से लाहोटी ने गहलोत की तारीफ की थी उसी मंच पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने मजाकिया लहजे में कहा था कि अब केवल अशोक लाहोटी का इलाज करना बाकी रह गया है। हालांकि, धारीवाल के द्वारा यह बात मजाक में कही गई थी, लेकिन इसके पीछे भाजपा सूत्र बड़ा कारण मानते हैं।

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उल्लेखनीय है कि अशोक लाहोटी के उस बयान के बाद पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने ना पक्ष लॉबी में अशोक लाहोटी को कड़ी फटकार लगाई थी।

सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि जयपुर नगर निगम में करोड़ों रुपए के घोटाले में बचने और जलदाय विभाग में करोड़ों रुपए के ठेके पाने की लालसा में से किसी एक लालच की वजह से अशोक लाहोटी ने अशोक गहलोत की सार्वजनिक मंच से वाहवाही की थी।