लाहोटी का गहलोत की शान में कसीदे पढ़ना पड़ा भारी, अध्यक्ष-नेता प्रतिपक्ष की फटकार के बाद बयान से देते फिरे सफाई

jaipur news

शनिवार को मानसरोवर आवासन मंडल के संस्थापक द्वारकादास पुरोहित की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सार्वजनिक मंच से सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी के द्वारा पढ़े गए कसीदे भारी पड़ गए।

लाहोटी के द्वारा मुख्यमंत्री गहलोत को जीरो टोलरेंस वाला मुख्यमंत्री बताते हुए उनके नाम से सीना चौड़ा होने का बयान उनके लिए पार्टी में मुसीबत बन गया है। बयान ने उनको बुरी तरह से राजनीतिक लपेटे में ले लिया।

लाहोटी के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने उनको कड़ी फटकार लगाई है।

दोनों वरिष्ठ नेताओं की फटकार के बाद विधायक अशोक लाहोटी अपने बयान से पूरी तरह पलट गए हैं। उन्होंने विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए सफाई दी।

लाहोटी ने सफाई में कहा कि उन्होंने अशोक गहलोत को जीरो टॉलरेंस का मुख्यमंत्री और गर्व से सीना चौड़ा होने की बात कटाक्ष के रूप में कही थी।

हालांकि, लाहोटी के बयान को लेकर सदन के भीतर यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने विपक्ष को घेरने का प्रयास किया।

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से अशोक लाहोटी के बयान पर बात करते हुए पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया।

प्रतिपक्ष की तरफ से किसी विधायक के द्वारा जिस तरह से सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री की शान में कसीदे पढ़े गए हैं, वह अपने आप में एक उदाहरण है। लाहोटी ने मीडिया से बात करते हुए उक्त मामले में तीन चार बार सफाई दी।

उन्होंने बार-बार कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत को जीरो टॉलरेंस वाला मुख्यमंत्री केवल कटाक्ष के तौर पर कहा था और उसको पत्रकारों ने और कांग्रेस के नेताओं ने अपने अपने हिसाब से ले लिया।

यह भी पढ़ें :  राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अनाथ की तरह काम कर रही है: डॉ. पूनियां

जबकि, अशोक लाहोटी के उस मंच से बोले गए करीब 3 मिनट से अधिक के वीडियो में स्पष्ट तौर पर साफ हो रहा है कि सांगानेर के विधायक ने मुख्यमंत्री गहलोत की शान में कसीदे पढ़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सांगानेर विधायक लाहोटी को सदन में ना पक्ष लॉबी में कड़ी फटकार लगाई और उन पर कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए भविष्य में किसी भी तरह से पार्टी लाइन से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी।

यह भी बताया जा रहा है कि लाहोटी ने सफाई देते हुए ना पक्ष लॉबी में अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के समक्ष खेद जताया है।

सदन के बाहर अपने बयान पर पत्रकारों को सफाई देते सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी।

सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि जिस तरह से अशोक लाहोटी ने बयान दिया, उसको लेकर उन्होंने और नेता प्रतिपक्ष ने ना पक्ष लॉबी में उनको बुलाया और पूरे मामले की तहकीकात की।

सतीश पूनिया का दावा है कि अशोक लाहोटी ने उनको कहा है कि उन्होंने अशोक गहलोत की शान में कसीदे नहीं पढ़े हैं, बल्कि उनके ऊपर कटाक्ष किया था।

इसके साथ ही सतीश पूनिया ने यह भी कहा कि अशोक लाहोटी को हिदायत दी गई है कि भविष्य में भी किसी भी कार्यक्रम में पार्टी लाइन से बाहर जाने से पहले एक बार अपने विचार और भाषण को क्लियर कर लें, ताकि जनता में अफवाह नहीं पहले और मिसअंडरस्टैंडिंग के चलते किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।

हालांकि, पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया के द्वारा पत्रकारों से बात करते हुए जिस तरह से विधायक अशोक लाहोटी का बचाव किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि निश्चित तौर पर अशोक लाहोटी के द्वारा खेद जताया गया है।

यह भी पढ़ें :  BJP उम्मीदवार से 25-25 लाख लेकर कांग्रेस सांसद प्रत्याशी को हरवाया था!

उल्लेखनीय है कि शनिवार को हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल सांगानेर से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे और अशोक लाहोटी के प्रतिद्वंदी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज समेत कांग्रेस के कई नेताओं के सामने सार्वजनिक मंच से सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जीरो टॉलरेंस वाला मुख्यमंत्री का देते हुए कहा कि जब वह राजस्थान से बाहर जाते हैं और लोग अशोक गहलोत को गांधीवादी और जीरो टॉलरेंस का मुख्यमंत्री कहते हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

इसको लेकर कांग्रेस के संगठन महामंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि राज्य की सरकार विकास के लिए काम कर रही है और इसी के चलते विपक्ष के विधायक भी सरकार के लिए अच्छी बातें करते हैं, मुख्यमंत्री को देखकर सीना चौड़ा होने का दावा करते हैं।

अशोक लाहोटी के उस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी और पार्टी की जबरदस्त थू-थू हुई। जिसके बाद पार्टी ने संज्ञान में लेते हुए उनके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

पार्टी के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने जिस तरह से उनको तलब करके फटकार लगाई है, उससे स्पष्ट है कि अशोक लाहोटी अब काफी दबाव में हैं।

उल्लेखनीय यह भी है कि उसी कार्यक्रम में, जब लाहोटी ने अशोक गहलोत के पक्ष में बयानबाजी की, उसके बाद यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने परोक्ष तौर पर अशोक लाहोटी के ऊपर कार्यवाही करने का भी इशारा किया था।

माना जा रहा है कि जयपुर मेयर रहते हुए अशोक लाहोटी के द्वारा कथित तौर पर किए गए घोटालों को लेकर सरकार उनके ऊपर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

यह भी पढ़ें :  अलकायदा के निशाने पर RSS के अधिकारी और कार्यालय, पंजाब, महाराष्ट्र की सरकारें अलर्ट, राजस्थान सरकार नींद में: राठौड़

शायद इसी का परिणाम है कि अशोक लाहोटी सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की शान में कसीदे पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं।

इधर, मंगलवार को ना पक्ष लॉबी में भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है।

माना जा रहा है कि विधायक दल की बैठक में भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के द्वारा अशोक लाहोटी को एक बार फिर से फटकार लगाई जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि अशोक लाहोटी के द्वारा सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की शान में कसीदे पढ़ने को लेकर नेशनल दुनिया ने रविवार को सोमवार को लगातार दो दिन तक खबर चलाई है, उसके बाद पार्टी ने प्रकरण को संज्ञान में लिया है।