बेनीवाल ने पीड़ितों को दी एक-एक लाख रुपए की सहायता

-दलित संरक्षण व परिवहन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रालोपा का प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन, सांसद हनुमान बेनीवाल ने की पीड़ितों से मुलाकात, एक-एक लाख की नगद आर्थिक सहायता दी।
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नागौर में 16 फरवरी को दलित समाज के दो युवकों के साथ मारपीट और उनके साथ घिनौना कार्य करने के मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने रविवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने पीड़ितों के घर पहुंच कर उनको एक-एक लाख रुपए की नगद सहायता दी।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा पार्टी के संयोजक पर नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के आह्वान पर राज्य के अधिकतर जिला मुख्यालयों पर पार्टी के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वसमाज के साथ नागौर जिले के पांचौड़ी थाना क्षेत्र में दलितों के साथ हुए अमानवीय कृत्य और हाल ही में परिवहन विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खुलासे को लेकर धरना प्रदर्शन आयोजित किए गए।

जिसमें पार्टी के बैनर तले राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन देकर दलित अत्याचार के मामले में नागौर एसपी को एपीओ करने, पीड़ित परिवार को अलवर के थानागाजी में हुए प्रकरण की तर्ज पर आर्थिक पैकेज देने और परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से करवाने की मांग प्रमुखता से रखी गई।

राज्य के संभाग मुख्यालयों पर जहां पार्टी के पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाला, वहीं जिला मुख्यालयों पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में समुचित कार्यवाही की मांग की।


3 दिन के कर्नाटक तथा गुजरात राज्य के प्रवास से लौटते ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने खींवसर के पांचौड़ी थाना क्षेत्र में घटित घटना में पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात की,।

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सांसद ने पीड़ितों से पूरे प्रकरण पर विस्तृत जानकारी लेकर उनकी हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने प्रदेश भर में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करके राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है।

राज्य सरकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर मामले को दबाने का प्रयास करने वाले दोषी जिला पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों
पर समुचित कार्रवाई नहीं की, पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया तो राज्य स्तर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मानवता से जुड़े इस मामले में राजनीति करने का उनका कोई इरादा नहीं है, ऐसे में सत्ता में बैठे लोग केवल यह राजनीतिक रोटियां सेकने आए थे, क्योंकि जिनकी की सरकार है उन्हें कार्यवाही करने में अनुचित देरी नहीं करनी थी। मगर सत्ता के जिम्मेदारों ने दोषियों पर कार्यवाही की बजाय उनकी पीठ थपाथपाकर चले गए।


इसके साथ ही सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुद की तरफ से दोनो पीड़ितो को एक-एक लाख रुपये की नगद आर्थिक सहायता दी। साथ ही कहा पीड़ित परिवार की मंशा के अनुरूप ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय होगी।


नागौर सांसद बेनीवाल ने कहा कि जब से नागौर एसपी ने कार्यभार संभाला है, तब से जिले की क़ानून व्यवस्था पटरी से उतर गई है। उन्होंने कहा एसपी ने थाना अधिकारी के माध्यम से पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया, इसलिए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। साथ ही सरकार को तत्काल उन्हे एपीओ करना चाहिए।


सांसद ने कहा कि अल्प आह्वान के बावजूद रालोपा के सदस्यों ने प्रदेशभर में जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजकर एक संदेश राजस्थान में दिया है कि जरूरत पड़ी तो सड़को को भी जाम किया जायेगा।

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विधानसभा में उठाया जाएगा मामला, सांसद के आह्वान पर विधायकों ने समाप्त किया धरना

सांसद हनुमान बेनीवाल ने करणु गांव में अमानवीय कृत्य में पीड़ित परिवार से उनके गांव जाकर उनसे मुलाकात की। उसके बाद खींवसर उपखंड कार्यालय के बाहर रालोपा के तीनों विधायकों द्वारा दिए जा रहे अनवरत धरना स्थल पर जाकर लोगों से वार्ता करके धरने में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

बेनीवाल ने कहा कि नागौर सहित प्रदेश में बढ़ते अपराध चिंता का विषय है, मगर सरकार को इस बात की जरा भी परवाह नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि नागौर की घटना के बाद बाड़मेर में एक अल्पसंख्यक युवक के साथ इस तरह का अमानवीय कृत्य सामने आया, राजस्थान में पूरे नागौर को इस वजह से शर्मसार होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि कल से राजस्थान की विधानसभा फिर से चलेगी और भारतीय जनता पार्टी को भी अगर सद्बुद्धि मिले, तो वह भी इस मामले को रालोपा के साथ मिलकर सदन में उठाए। सांसद ने कहा कि दलित हितों के संरक्षण के लिए वो हमेशा आवाज उठाते आ रहे हैं।

इसके साथ ही बेनीवाल ने कहा की बाबा साहब अम्बेडकर ने संविधान की मूल भावना में जो बात व्यक्त की, उसका सम्मान करते हुए हमेशा उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि समझा।

उन्होंने विधायकों से आह्वान करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार उन्हें बता देगा उसके हिसाब से आगे की रूपरेखा तय करेंगे, इसलिए धरने को समाप्त करके कल सदन में इस बात को फिर से पुरजोर तरीके से उठाया जाये। जिस पर विधायकों ने सहमति व्यक्त करके धरना समाप्त दिया।

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