युवा कांग्रेस का चुनावी सिस्टम फेल, 5 लाख मतदाताओं में से महज एक लाख में ही डाले वोट

रामगोपाल जाट

जिस तरह की संभावनाएं व्यक्त की जा रही थी, ठीक उसी तरह से युवा कांग्रेस के चुनाव में मतदान के बाद स्पष्ट हो गया है कि युवा कांग्रेस के सदस्यता अभियान कितना बड़ा दिखावा होता है और असलियत कुछ और ही होती है।

यही कारण है कि राजस्थान यूथ कांग्रेस के चुनाव में 2 दिन की वोटिंग के बाद भी करीब 5 लाख सदस्यों में से महज एक लाख और कुछ हजार सदस्य वोट कर पाए हैं। 2 दिन में हुई वोटिंग के दौरान पहले दिन जहां 106 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 17000 लोग ही वोट डाल पाए। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का महज 8% है।

यह हाल तब है, जब वोटिंग का समय सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम को 4:00 बजे से बढ़ाकर 7:00 बजे कर दिया गया। यदि समय नहीं बढ़ाया जाता तो संभवत वोटिंग दोनों दिन की वोटिंग एक लाख के अंदर अंदर सिमट कर रह जाती है।

इस बार युवा कांग्रेस चुनाव का पूरा सिस्टम डिजिटल किया गया था और सदस्यता से लेकर वोटिंग और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है। ऐसे में जब शनिवार को सुबह 9:00 बजे से एप्लीकेशन के जरिए वोटिंग शुरू हुई तो 3 घंटे में 106 विधानसभा में महज 11000 वोट डाले गए। इसके बाद 3:00 बजे तक सारा सिस्टम दम तोड़ चुका था।

आनन-फानन में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को बताया गया कि सर्वर डाउन होने के कारण मतदान का समय बढ़ाकर 6:00 बजे और फिर 7:00 बजे तक कर दिया गया है। इसके बावजूद शाम को 7:00 बजे तक बमुश्किल 106 विधानसभा में ढाई लाख में से करीब 17000 सदस्य ही वोट डाल सके।

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कई विधानसभा क्षेत्रों में वोटों का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। ऐसे में बताया जा रहा है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों को दूसरे दिन भी अनुमति दी गई है। रविवार को हुई 94 विधानसभा क्षेत्रों में कुल एक लाख 60 हज़ार मतदाता रजिस्टर्ड थे।

दरअसल, चुनाव की पूरी प्रक्रिया पहले ही दिन से संदेह में आ गई थी, जब सदस्यता के लिए आए छह लाख से ज्यादा आवेदनों में से करीब एक लाख रिजेक्ट कर दिए गए और जिनकी सदस्यता निरस्त हुई, उन्हें आजतक कारण तक नहीं बताया गया।

इतना ही नहीं, प्रति सदस्य के लिए ₹125 भी नहीं लौटाए गए। उस समय बताया गया कि 5 लाख से ज्यादा सदस्य बने हैं, लेकिन जब चुनाव आए तो यह आंकड़ा मतदाताओं के रूप में निकल कर आया सवा चार लाख, यानी फिर से सदस्यों की संख्या कम कर दी गई।

इनमें से इससे भी मजेदार बात यह है कि जो सदस्य बचे, उनमें से किसी के नंबर पंजाब से मिल रहे थे, तो जयपुर में रहने वाले के सीकर में मिल रहे हैं। तमाम प्रक्रिया में गड़बड़ियों के बावजूद चुनाव कराने वाली संस्था ने सुधार का प्रयास नहीं किया।

अब 2 दिन मतदान प्रक्रिया के पहले दिन 106 विधानसभा क्षेत्रों में करीब ढाई लाख मतदाताओं में से सिर्फ 17000 वोट डाले और दूसरे दिन 94 विधानसभा क्षेत्रों के 160000 मतदाताओं में से करीब 80,000 ने वोट डाले, तो शंका है की क्या मतदाताओं का बताया गया आंकड़ा फर्जी है, या फिर किसी को फायदा पहुंचाने के लिए आंकड़ों में बदलाव होता रहा है।

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वैसे चुनाव पहले भी दो बार हुए युवा कांग्रेसी चुनाव में धांधली और चुनाव कराने वाली संस्था के लोगों पर पैसे लेने देने के जरिए चुनाव प्रभावित करने के आरोप लगे हैं और इस बार भी चुनाव प्रक्रिया में यह बात सुनी जा रही है।

क्या किसी विशेष नाम के उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वैसे मतदान में करीब 22% मतदाताओं की भागीदारी के चलते राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में हार-जीत की स्थिति में बदलाव हो सकता है, पूर्व में विजेता माना जा रहा उम्मीदवार हार भी सकता है।