परिवहन मंत्री इस्तीफा दें या मुख्यमंत्री उन्हें मंत्रीमण्डल से बर्खास्त करें

-भाजपा ने पूछे गहलोत से कई सवाल
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मालवीय नगर भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कई सवाल पूछे है।

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के दलाल जसवंत यादव से क्या संबंध है ?

क्या परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास 8 फरवरी को जसवंत यादव की बेटी की शादी में अलवर गये थे ?

दलाल जसवंत यादव की गोल्ड लाईन ट्रांसपोर्ट कम्पनी की 40 बसें बिना परमिट के किसकी शह पर चल रही थीं ?

जयपुर जैसे प्रमुख केन्द्र पर एक महेश शर्मा को का चार्ज किसके कहने पर दिया गया ?

हर महीने की बंदी देने वाले ट्रांसपोर्टर को एक विशेष चिन्ह दिया जाता था, जिस बस/ट्रक पर यह चिन्ह होता था, उस वाहन को रोका नहीं जाता था।

क्या किसी दलाल या अधिकारी के कहने पर इस प्रकार की कार्यवाही हो सकती है, किसके निर्देष पर यह छूट दी गई ?

दलालों द्वारा एकत्रित करोड़ो की राशि किसके पास पहुंचती थी ?

अगर दलालों के निर्देश पर मासिक बंधी देने वाले वाहनों की जांच नहीं होती थी, तो क्या विभाग में दबंग मंत्री की नहीं चलती थी, अधिकारी विभाग चलाते थे ?

दलाल किसके इशारे पर काम करते थे, उनके संबंध सरकार में किससे थे ?

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि ACB की कार्यवाही से प्रभावित होगा। जब बिना अनुमति दिये गाडियां निकल रहीं थीं, तब मंत्री को सरकार के आत्मसम्मान की चिंता नहीं, अब किसके लिए केवल खुद की चिंता ?

दलालों/अफसरों से बरामद 1.50 करोड़ रूपये किसके पास पहुंचने थे ?

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परिवहन मंत्री द्वारा अभयदान देना, व अधिकारियों को धमकाना क्या सरकार की भ्रष्टाचार के पोषण की नीति नीति में नहीं आता?

परिवहन मंत्रालय में गत एक वर्ष में कितने स्थानान्तरण आदेश निकले और इनमें कितने अधिकारियों/कर्मचारियों का स्थानान्तरण बार-बार हुआ ?

जिसने पैसे पहुंचा दिये और मासिक देने की बात मान ली, उसको इच्छित स्थान पर लगा दिया।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये सराफ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से हम मांग करते है कि एसीबी ने सर्वलांस पर जो काॅल लिये है, उनके नम्बर व बातचीत को डिस्क्लाॅज किया जाये एवं सम्पूर्ण प्रकरण पर शक की सुई सीधे परिवहन मंत्री की तरफ जाती है।

साथ ही परिवहन मंत्री द्वारा जो इनके अभयान में शामिल नहीं है, उनको धमकी और साथ ही यह कहना कि एसीबी, मंत्री व मुख्यमंत्री के कहने पर काम करती है। सीधे-सीधे एसीबी को धमकी की श्रेणी में आता है। इस कारण परिवहन मंत्री इस्तीफा दें या मुख्यमंत्री उन्हें मंत्रीमण्डल से बर्खास्त करे।

पत्रकारवार्ता में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरूण चतुर्वेदी, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष सुनील कोठारी, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, विधायक अशोक लाहोटी, पूर्व जिलाध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता, पूर्व महापौर निर्मल नाहाटा उपस्थित रहें।