नागौर की घटना पर बड़ा आंदोलन करेंगे- बेनीवाल

hanuman beniwal narayan beniwal pukhraj garg
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-विधायकों का धरना स्थगित हुआ है समाप्त नहीं, मांगो पर त्वरित कार्यवाही नही हुई तो करेंगे बड़ा आंदोलन – हनुमान बेनीवाल
-सरकार के बजट को बताया दिशाहीन, कहा आंकडों का मायाजाल
Jaipur news

नागौर जिले के पांचोड़ी थाना क्षेत्र के करणु गांव में दलित युवकों की कथित दबंगों द्वारा की गई मारपीट, घिनोने कृत्य को लेकर बुधवार को विधानसभा में सीएम के बजट भाषण के दौरान रालोपा के तीनों विधायकों ने विरोध करते हुए मामले में कार्यवाही की मांग की।

साथ ही परिवहन घोटाले को लेकर भी मंत्री खाचरियावास को बर्खास्त करने की मांग की। उसके बाद विधायक सदन के बाहर सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। दिन भर चले धरने के बाद शाम को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी विधानसभा पहुंचे।

जहां धरना स्थल पर उन्होंने भी विधायकों के साथ सरकार विरोधी तख्तियां लहराई, उसके बाद सांसद ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी से उनके कक्ष में मुलाकात की।


इस तरह हुई सरकार से वार्ता

प्रदेश के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने विधानसभा अध्यक्ष के मार्फ़त मामले में सांसद से वार्ता की। विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में सांसद की कृषि मंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद कृषि मंत्री ने मामले में दलित परिजनों की मांग को लेकर सीएम को अवगत करवाया।

जिसके बाद सीएम अशोक गहलोत के आश्वासन मिलने के बाद कृषि मंत्री ने सांसद के साथ धरना स्थल पर आकर मामले में सकारात्मक कार्यवाही का भरोशा दिलवाया, उसके बाद विधायक धरने से उठ गए।


यह कहा सांसद ने

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि धरना स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं, क्योंकि मांगों पर सकारात्मक हल नहीं निकला तो फिर से धरना दिया जायेगा। उन्होंने कहा की रालोपा पार्टी दलित हितों के लिए लड़ाई लडेगी।

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उन्होंने अलवर गैंगरेप घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद इस तरह फिर से ऐसा कृत्य घटित होता है तो कहीं न कहीं सरकार की कार्यशैली सवालिया निशानों पर आती है।

उन्होंने कहा प्रदेश के गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दलितों पर हुई इतनी बड़ी घटना के बाद भी आलाकमान के निर्देशों के लिए इंतजार करते रहे और जनता ने जब सोशियल मीडिया के मंच से सरकार पर तमाचा मारा तब जाकर उनकी नींद उड़ी।


सांसद ने मीडिया से रूबरू होते हुए परिवहन मंत्री पर आरोप लगाए और कहा इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद सीएम को तत्काल जांच सीबीआई को दे देनी चाहिए थी, क्योंकि जब अशोक गहलोत महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह विश्नोई और बाबूलाल नागर के मामले में जांच सीबीआई को दे सकते हैं, तो फिर प्रताप सिंह से उनसे क्या मोह है?


यह कहा बजट को लेकर

सांसद बेनीवाल ने बजट को लेकर कहा कि बजट आंकडों का मायाजाल था। सांसद ने कहा कि बजट में गहलोत ने आगामी वित्त वर्ष में 53,151 नई भर्तियां करने का प्रावधान किया, जबकि पिछले बजट में 75 हजार नौकरियां देने की बात कही जो 10 प्रतिशत भी पूरी नहीं हो पाई।

साथ ही कहा एक तरफ बजट भाषण में गहलोत ने कहा कि हमारी संघीय व्यवस्था में राज्यों की वित्तीय स्थिति काफी हद तक केंद्र सरकार की नीतियों तथा निर्णयों पर निर्भर करती है, जबकि दूसरी तरफ केंद्र की अच्छी नीतियों को राज्य लागू करने में परेशानियां खड़ी कर दी जाती है।

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प्रधानमंत्री आयुष भारत योजना इसका उदाहरण है, जिसको लंबे समय तक अटकाकर रखा, जो सरकार के दोगलेपन का सबसे बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा बजट में सरकार ने बताया कि राजकोषीय घाटा 33,922.77 करोड़ रुपये है और इसके लिए जिम्मेदार पूर्ववती सरकार को ठहराया, मगर एक साल के प्रबंधन में उन्होंने क्या किया, वो नही बताया।

सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि जिन 7 संकल्पों को लेकर सीएम ने बजट भाषण पढ़ा, एक महीने में वो 7 संकल्पों को भुला देंगे। रालोपा पार्टी के विधायक नारायण बेनीवाल, पुखराज गर्ग व इंदिरा देवी बावरी ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा बजट में राज्य के विकास के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किये गए।