Budget: स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3 करोड़, किसानों की दिन में बिजली, छात्रों की शनिवार की छुट्टी, कर्मचारियों को तोहफा समेत बजट की सभी बातें पढ़ें…

-राजस्थान बजट 2020-21: CM अशोक गहलोत पेश कर रहे बजट

जयपुर।

सीएम अशोक गहलोत विधानसभा में राजस्थान का 2020-21 का बजट पेश कर रहे हैं। सीएम अशोक गहलोत 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू किया। बजट भाषण की शुरुआत में गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी से प्रेरित होकर मैं यह बजट पेश कर रहा हूं। साथ ही उन्होने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर में है, लेकिन तमाम कठिनाईयो के बावजूद हमारी सरकार प्रदेश के विकास के लिए कटिबद्ध है।

डीएलसी दरों में 10 फीसदी की कमी। 2021 तक नहीं बढ़ाई जाएंगी डीएलसी दरें। 30 जून 2020 तक स्टांप ड्यूटी जमा कराने पर ब्याज में छूट की घोषणा। एमएसएमई को स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी छूट देने की घोषणा। 1 फीसदी स्टांप ड्यूटी बढ़ाने की घोषणाष एमनेस्टी स्कीम का भी ऐलान।

सीएम गहलोत ने 53151 पदों के लिए सरकारी नौकरी का ऐलान। मेडिकल में 4369, मेडिकल एजुकेशन में 573, को-ऑपरेटिव में 1000, शिक्षा में 1000, स्थानीय स्वशासन में 1039 और गृह विभाग में 500 पदों पर भर्ती होगी। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप नीति लागू की जाएगी।

विधि विज्ञान प्रयोगशाला जोधपुर और बाद में अजमेर में डीएनए खंड शुरू किया जाएगा। आपराधिक घटनाओं में डीएनए जांच की अहमियत को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। जयपुर एयरपोर्ट पर स्टेट फ्लाइंग स्कूल और फ्लाइंग क्लब फिर से शुरू किया जाएगा।

उपखंड तहसील के भवनों के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उपखंड मुख्यालयों पर एक कनिष्ठ सहायक और एक सूचना सहायक का पद सृजित किया जाएगा।

12 आधुनिक सर्वे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे सीमा ज्ञान और जमाबंदी का काम सही तरीके से हो सके। प्रदेश के 14 जिलों में शहीद स्मारक 2,80,00,000 की लागत से बनाए जाएंगे।

एसओजी में दो नई यूनिट स्वीकृत की जाएंगे। एसओजी में नई एंटी नारकोटिक्स यूनिट स्थापित की जाएगी। बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर के थानों को अतिरिक्त मोबाइल यूनिट मुहैया कराई जाएंगी।

इस साल यह व्यवस्था पायलट बेसिस में अलवर और भरतपुर जिले में लागू की जा रही है। जल्द ही यह सभी जिलों में लागू होगी जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान।

सभी जिला रसद कार्यालय खाद्य विभाग का कंप्यूटराइजेशन किया जाएगा। राशन की दुकानों पर ई-मित्र केंद्र स्थापित करने के लिए अधिकृत किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग को बाढ़ नियंत्रण और बचाव के लिए 12 करोड़ के उपकरण वन विभाग को जंगल की आग नियंत्रित करने के लिए तीन करोड़ के उपकरण, जिला कलेक्टर को ड्रोन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

सीसीटीएस क्राईम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। 1682 नई गाड़ियां पुलिस को उपलब्ध कराई जाएंगी। इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम चरणबद्ध तरीके से स्थापित करने की घोषणा पिछले बजट में की थी।

जोधपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, बीकानेर, भरतपुर, बाड़मेर, चूरू, भरतपुर, धौलपुर, जैसलमेर, सिरोही और उदयपुर के 22 स्मारकों का पुनरुद्धार कराया जाएगा।

हनुमानगढ़, गंगानगर, कोटा गुरुद्वारा संचालन समिति के सहयोग से गुरु नानक देव जी के नाम पर उद्यान विकसित किए जाएंगे।

अमृता देवी को समर्पित एक शहीद स्मारक 10 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा।प्रदेश के आर्काइव्स के दस्तावेजों को ऑनलाइन कराया जाएगा।

राज्य में इको सिस्टम विकसित करने की कोशिश। 229 आईटीआई और ई क्लास के जरिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिग डाटा एनालिटिक्स और रोबोटिक डाटा ऑनलाइन कोर्सेज शुरू किए जाएंगे।

प्रवासी राजस्थानी श्रमिक कल्याण कोष की स्थापना। इसके लिए 10 करोड़ रुपए आवंटित करने की घोषणा। मुख्य सचिव स्तर पर कमेटी का गठन होगा जो समय पर डिलीवरी अधिनियम की पालना करेंगे।

राज्य पर्यावरण योजना और जिला पर्यावरण योजना का ऐलान। प्रदुषण नियंत्रण के लिए पौधारोपण पर रहेगा जोर। प्रदूषण की रोकथाम के लिए जनभागीदारी से सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा।

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सीवरेज की सफाई मशीनों के जरिए की जाएगी। इसके लिए 176 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। किसी भी सफाईकर्मी को मैनहोल में नहीं उतारा जाएगा।

इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सिविल लाइन फाटक पर आरओबी का निर्माण किया जाएगा। लक्ष्मणगढ़ के लिए जलप्रदाय योजना की घोषणा।

602 करोड़ रुपए की लागत से नए बैराज के निर्माण का काम जारी है। भरतपुर के कामा, कुम्हेर, डीग के किसानों के लिए सिंचाई सुविधा मजबूत करने पर काम होगा। गुड़गांव मुख्य नहर के 23 माइनर के काम 70 करोड़ रुपए की लागत से कराए जाएंगे।

धौलपुर और करौली में 30 करोड़ की लागत से टाउन हॉल बनाए जाएंगे। जोधपुर शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए बड़ा और आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। अगले साल इसकी डीपीआर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

ईआरसीपी को शीर्ष प्राथमिकता में शामिल किए जाने का निर्णय। इसकी अनुमानित लागत 37247 करोड़ रुपए है। यह पूरी परियोजना पूर्वी जिलों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी।

प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में घोषित करने को लेकर आश्वस्त किया था। मैं खुद भी इस बारे में प्रधानमंत्री को याद दिला चुका हूं। बीसलपुर, माही, जवाई, जाखम, सोम, कमला, अंबा, गंभीरी, राणा प्रताप सागर, कोटा प्रताप सागर बांध का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

इंदिरा गांधी नहर पर इस साल 245 करोड़ रुपए खर्च। राजस्थान फीडर और सरहिंद फीडर के नवीनीकरण के लिए भारत सरकार से एमओयू किया गया है। सरहिंद फीडर में 17 किलोमीटर की क्षति ग्रस्त क्षेत्र की रिलाइनिंग का काम पंजाब सरकार ने करा दिया है। 

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने पर प्राइवेट अस्पताल को ऐसे व्यक्ति का इलाज करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए जरूरत पड़ी तो कानूनी प्रावधान भी किए जाएंगे। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए तमिलनाडु मॉडल का अध्ययन किया गया। प्रदेश में हर साल 38500 लोगों की मौत हादसों में हो जाती है। तमिलनाडु मॉडल प्रदेश में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की एक कमेटी बनाई जाएगी, इसमें ट्रैफिक पुलिस और डीजीपी के साथ अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे। पीपाड़ का ऑफिस डीटीओ में क्रमोन्नत किया जाएगा।

प्रत्येक जिले में ट्रैफिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा में बेहतरीन काम करने वाले जिलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ तीन जिलों को 25, 15 और 10 लाख दिया जाएगा।

रावतसर, बीकानेर में 200 केवी के तीन जीएसएस स्थापित किए जाएंगे। सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए 6220 करोड़ का बजट।

जोधपुर से बनाड़ की सड़क, टोंक शहर की अलग-अलग सड़कों के लिए 30 करोड़ रुपए। चुरू से तारानगर की सड़क के लिए भी बजट आवंटित।

प्रदेश के प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए सरकार कृत संकल्प है। जल जीवन मिशन योजना के जरिए हर घर में पेयजल पहुंचाया जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा केवल 50% राशि ही राज्यों को मुहैया कराई जा रही है। राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र की हिस्सा राशि 90 फ़ीसदी करने का अनुरोध किया जा रहा है।

पहले चरण में 2020-21 में 16 जिलों में पाली, भीलवाड़ा, नागौर, कोटा, बूंदी, झुंझुनूं, सीकर में 4327 गांवों में पेयजल पहुंचाया जाएगा। जयपुर शहर में चार दिवारी और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।

अजमेर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, झालावाड़, बूंदी में पहले चरण में, दूसरे चरण में सीकर, जयपुर, भरतपुर और तीसरे चरण में शेष जिलों जिसमें बाड़मेर, अलवर, दौसा, करौली, चूरु, हनुमानगढ़, गंगानगर में दिन में ही बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों में कृषि क्षेत्रों के लिए दिन में 2 ब्लॉक में कृषि के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य में अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क विकसित किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में चयनित शहरों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए 500 मेगावाट रूफटॉप प्लांट लगाने की योजना। विद्युत उत्पादन निगम की ओर से 800 मेगावट के सोलर प्लांट विकसित होंगे।

शिक्षा का विकास करना हमारी प्राथमिकता। सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को ‘नो बैग डे’ रहेगा। इस दिन कोई पढ़ाई नहीं होगी। बल्कि हर शनिवार को खेलों के साथ अन्य क्रियाकलाप होंगे। शिक्षा के लिए 39524 करोड़ रुपए का प्रावधान।

शेष रहे ब्लॉक में महात्मा गांधी इंग्लिश मॉडल स्कूल की स्थापना की जाएगी। 300 स्कूलों में अतिरिक्त संकाय जरूरत के मुताबिक खोले जाएंगे।

66 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की घोषणा की जाएगी। कॉलेज में ऑफलाइन ऑनलाइन वीडियो लेक्चर के लिए राजीव गांधी ई कंटेंट लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की जाएगी।

सीएम गहलोत ने किया पर्यटन विकास कोष का ऐलान। पर्यटन की दिशा में भी हो रहा बेहतर काम। पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ के फंड का ऐलान।

प्रदेश में 4000 नए गाइड लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इज ऑफ ट्रेवलिंग की नीति विकसित की जाएगी। सिलीसेढ़ झूमर बावड़ी रणथंभोर राजसमंद और होटल सरोवर पुष्कर के जीर्णोद्धार के लिए 4 करोड़ प्रस्तावित।

एचपीसीएल से लगातार तालमेल और फॉलोअप रहेगा। प्रदेश में 10 पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस मंजूर किए हैं। एचपीसीएल से समन्वय कर जल्द से जल्द रिफाइनरी का कार्य पूरा करवाया जाएगा।

बाड़मेर जिले में पेट्रोलियम उपनिदेशक का कार्यालय खोला जाएगा। राजस्थान में कई जिलों में पोटाश की संभावनाएं हैं। 2776 मिलियन पोटाश के भंडार मिलने की संभावना है।

वर्तमान में हमारा प्रदेश पोटाश के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है। पचपदरा में हाइड्रोकार्बन की विभिन्न स्कीम में प्रशिक्षण देने के लिए कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मनरेगा में 53 लाख श्रमिक दिन का रोजगार मुहैया कराया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय निर्यात एक्स्पो आयोजित किया जाएगा। रीको की तरफ से आयोजित इस एक्सपो में 3 करोड़ रुपए का खर्चा हुआ। गंगापुर में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की संभावना तलाशी जाएगी।

इनको विशेष पैकेज भी दिया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में खंगाली जाएंगी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावना है। 1000 हेक्टेयर अप्रधान खनिज के ब्लॉक बनाकर ई ऑक्शन से उपलब्ध कराए जाएंगे।

उद्योगों के लिए भी गहलोत सरकार के अहम ऐलान। सीतापुरा में 25000 वर्ग फीट में फैसिलिटी निर्मित किया जाना प्रस्तावित। कई जगह नए औद्योगिक क्षेत्रों का किया ऐलान।

उद्योगों के लिए सभी अनुमति या एक ही जगह से देने के लिए 2011 में सिंगल विंडो एक्ट शुरू किया था। अब वन स्टॉप शॉप प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।

इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक निवेश बोर्ड का गठन किया जाएगा। राज्य में एमएसएमई की आसानी से स्थापना करने के लिए साल 2019 में हम नया एक्ट लेकर आए।

ओलंपिक में मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बढ़ाई ईनामी राशि। गोल्ड जीतने पर 3 करोड़, सिल्वर जीतने पर 2 करोड़ और कांस्य जीतने पर 1 करोड़ रुपए।

एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी सौगात। गोल्ड मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपए। राज्य खेलों में क्रिकेट को भी शामिल किया जाएगा। 

चयनित जीएसएस केवीएस उपभोक्ता भंडारों को लेकर 20 गोदाम बनाए जाएंगे, जिस पर 20,000 करोड़ का खर्च होगा।

10 करोड़ पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए खर्च किए जाएंगे। इससे बछड़ों की बजाय बछड़ी अधिक होने की संभावना होगी।

राजस्थान राज्य कृषि उपज संवर्धन एवं सरलीकरण अधिनियम 2020 लाया जाएगा। फसली ऋणों में पारदर्शिता ला रहे हैं। ग्राम सेवा सहकारी समिति के जरिए बांटे जाने वाले फसली ऋण के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।

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अब तक 8700 करोड़ रुपए से ज्यादा ब्याज मुक्त फसली ऋण बांटा जा चुका है, पहली बार सदस्य बने किसानों को 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का फसली ऋण बांटा जा चुका है।

किसानों के खेत के पास कृषि उपज विपणन की सुविधा विकसित करने पर काम। बीकानेर, बांसवाड़ा, छिपाबड़ोद, बाड़मेर के धोरीमना, करौली, हनुमानगढ़, भुसावर, सोजत सिटी, पाली, श्रीगंगानगर, राजसमंद, खंडार, सलूंबर, सांगानेर, शाहपुरा, मथानिया, मोहनगढ़, खीमसर, जायल, भीलवाड़ा, किशनगढ़ बास, गोविंदगढ़, बानसूर, सांगोद में भी किसानों के लिए और ज्यादा सुविधा विकसित करना है।

राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की घोषणा। कृषि में सौर ऊर्जा के उपयोग की अपार संभावनाएं। 25000 नई सोलर पंप लगाए जाएंगे।

2 लाख टन यूरिया और डीएपी के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, गंगानगर, पाली, जालौर, सिरोही के अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचित बनाया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 100 करोड़ का ऐलान। नेहरू बाल संरक्षण के लिए 100 करोड़ का ऐलान। आंगनवाड़ी वर्कर, आशा सहयोगिनी और एएनएम के लिए A3 एप्प विकसित किया जाएगा।

यह बेहतर समन्वय के लिए अच्छा कदम होगा. 35 लाख से ज्यादा बच्चों गर्भवती महिलाओं के लिए 800 करोड़ रुपए की राशि से पोषाहार वितरित किया जाएगा। पोषाहार वितरण में पारदर्शिता लाने गुणवत्ता बढ़ाएंगे।

8700 करोड़ रुपए का प्रावधान सामाजिक न्याय की योजनाओं के लिए। एचसीएम रिपा में महिला बाल विकास शोध संस्थान विकसित किया जाएगा

किसानों के लिए 3420 करोड़ का बजट। किसानों को किराए पर उपलब्ध होंगे कृषि यंत्र। निजी क्षेत्र में मंडियों की स्थापना की जाएगी। कृषि अभियांत्रिकी संस्थान की स्थापना होगी।

एमडीएम अस्पताल में गैस्ट्रो सर्जरी विभाग की स्थापना की जाएगी। सहायक आचार्य के 4 पद स्वीकृत और जूनियर रेजिडेंट के 69 पद स्वीकृत किए जाएंगे। एसएमएस में कॉटेज वार्ड के जगह नए वार्ड बनेंगे। जी प्लस 8 के आधार पर बनेंगे वार्ड।

प्रदेश में निरोगी राजस्थान को और मजबूत किया जाएगा। नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण पर तकरीबन 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा, इसमें 40 परसेंट भागीदारी राज्य सरकार की होगी।

जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में 46 करोड़ से निर्माण कार्य होंगे। एसएमएस अस्पताल में नया आईपीडी भवन बनाया जाना प्रस्तावित। पीएचसी और सीएससी का विस्तार किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 14437 करोड़ रुपए का प्रावधान। जिला अस्पताल होंगे हाईटेक। समय पर इलाज मिले, सरकार की प्राथमिकता।

पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हमारी सरकार को 3 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में मिला, साथ ही कई योजनाओं के फंड का भुगतान भी हमारी सरकार ने किया। पिछले बजट में हमने संकल्प पत्र की कई योजनाओं को लाया।

केंद्र सरकार की गलत नीतियों का प्रदेश पर असर हो रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था केंद्र की नीतियों और योजनाओं पर निर्भर है। केंद्र की नीतियों के कारण प्रदेश के राजस्व में गिरावट आई है।

बजट भाषण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। कृषि की विकास दर में भी कमी आई है।

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी अपने आसन पर पहुंचे और सीएम अशोक गहलोत ने बजट भाषण शुरू किया।

मुख्यमंत्री गहलोत की सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने अगवानी। इस दौरान गहलोत ने ब्रीफकेस हवा में उठाकर लहराया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का काफिला विधानसभा पहुंचा। थोड़ी देर में गहलोत विधानसभा में बजट पेश करेंगे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सरकारी आवास से विधानसभा के लिए रवाना हुए। इस दौरान गहलोत का पूरा काफिला उनके साथ था।

इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सभी जिलों में लागू होगा, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम के लिए 100 करोड़ का फंड, एसओजी में दो नई यूनिट की मंजूरी दी जाएगी, एसओजी में नई एंटी नारकोटिक्स यूनिट की स्थापना होगी