– राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अपने अपने राज्य से प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा में भेजने के लिए लालायित व प्रयासरत हैं।

कांग्रेस (Congress) पार्टी में लगातार चल रही भारी अंतर कलह के बीच एक नई बहस शुरू हो गई है कि क्या प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा में लाया जाना चाहिए या फिर संसद में एक और गांधी को संभालना और उसे उचित ठहराना पार्टी के लिए बहुत बड़ा काम हो जाएगा।

सूत्र कहते हैं कि प्रियंका वाड्रा खुद राज्यसभा में जाना चाहती हैं। क्योंकि वह नई दिल्ली में सरकारी आवास चाहती हैं। उन्हें लोधी रोड का बंगला उनके एसपीजी की सुरक्षा में होने के कारण दिया गया था, किंतु सरकार द्वारा गांधी हो कि एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद उन्हें यह बंगला खाली करना होगा।

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्रियों ने नेतृत्व को विश्वास दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है कि उन्हें प्रियंका वाड्रा को अपने राज्य से राज्यसभा में जगह दिलाने में प्रसन्नता होगी।

यह तीनों राज्य सभा में दो-दो सदस्य भेजेंगे, लेकिन इस बहस का विपरीत पहलू भी है। जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पार्टी में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि गैर गांधी को ही पार्टी का अध्यक्ष बनना होगा।

यह बात अलग है कि सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के दबाव में आकर यह पद स्वीकार करने का फैसला किया था, किंतु इसमें महत्वपूर्ण बात राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की यह समझाना है कि जनता का एक बड़ा वर्ग गांधी परिवार से उकता चुका है तथा काम की कमान गैर गांधी के हाथ में देखना चाहता है।

तीन गांधियों की बातचीत करते, विचार विमर्श करते और निर्णय लेते हुए नजर आने वाली छवि खुद इस निष्कर्ष का कारण बनेगी कि पार्टी चलाने के मामले में यह तीन ही महत्व रखते हैं। इससे पार्टी एक पारिवारिक व्यवसाय बन गई है।

यदि वे अपनी माता सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ प्रियंका वाड्रा संसद में हो तो पार्टी की छवि पारिवारिक कंपनी के रूप में और बढ़ जाएगी।

कांग्रेस (Congress) पार्टी के कई उतार-चढ़ाव देख चुके एक नेता ने कहा कि ऐसे समय जब कांग्रेस (Congress) तथा गांधी परिवार दबाव में है और राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल जाने का सामना कर रहे हैं और महत्वपूर्ण बने रहने के लिए जी जान से लड़ रहे हैं।

प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा में लाने का फैसला कांग्रेस (Congress) के लिए राजनीति का आत्महत्या करना हो सकता है। प्रियंका वाड्रा खुद भी राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करना चाहती हैं।

लुटियंस दिल्ली में अपना बंगला बरकरार रखने के लिए ऐसा कर रही हैं, क्योंकि जबसे एसपीजी की सुरक्षा हटाई गई है, उन्हें खाली करना पड़ रहा है।

दूसरी तरफ राहुल गांधी (Rahul Gandhi) सार्वजनिक रूप से कई बार कह चुके हैं कि नया काग्रेस अध्यक्ष नेहरू गांधी परिवार का नहीं होगा। इस स्थिति में सोनिया गांधी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बाद एक और गांधी को संसद में देखना कांग्रेस (Congress) के जन पचा नहीं पाएंगे।