ACB द्वारा भ्रष्टाचार में पकडे गये कई IAS और IPS अधिकारी बहाल होकर नौकरी कर रहे हैं: मंत्री
प्रताप सिंह खाचरियावास

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एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा रविवार को यातायात विभाग में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तूल पकड़ता जा रहा है।

इस कार्रवाई को लेकर राजस्थान में सरकार दो हिस्सों में नजर आ रही है। एक हिस्से में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पीठ थपथपाई जा रही है।

दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट गुट के माने जाने वाले यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के द्वारा एसीबी की कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

2 दिन से गुस्सा हो रहे यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज एक बार फिर से एसीबी की कार्रवाई को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि एसीबी के द्वारा पकड़े गए कई आईएएस और आईपीएस बाहर होकर मजे से नौकरी कर रहे हैं।

प्रताप सिंह खाचरियावास ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए एक बार फिर से परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और एंटी करप्शन ब्यूरो को छेड़ते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई बिना ऊपरी आदेश की नहीं हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि एसीबी के द्वारा 17 टीमें बनाकर रविवार को जयपुर में अलग-अलग जगह ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी, जिसमें कई आरटीओ और डीटीओ के अधिकारियों समेत दलाल पकड़ में आए थे, जिनसे 1.20 करोड़ में बरामद किए गए थे।

गृह मंत्री की जिम्मेदारी खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास है, जबकि एंटी करप्शन ब्यूरो गृह विभाग के अधीन आता है। दूसरी तरफ सचिन पायलट के गुट से माने जाने वाले प्रताप सिंह खाचरियावास परिवहन मंत्री हैं।

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कांग्रेस के लोगों में खुलेआम चर्चा है कि एसीबी की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा उप मुख्यमंत्री और अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी सचिन पायलट को कमजोर करने के लिए उनके सबसे खास मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास पर जानबूझकर की गई है।