ACB की कार्रवाई के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट एकबार फिर से आमने-सामने, विपक्ष के पास मौका

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एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा रविवार को की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद कांग्रेस पार्टी के दो धड़े खुलकर फिर से आमने-सामने हो गए हैं।

एक धड़े में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खास मंत्री शांति धारीवाल हैं, जबकि दूसरे धड़े में पीसीसी चीफ और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ उनके खास मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और रमेश मीणा हैं।

कार्रवाई के बाद सोमवार को विधानसभा में इस प्रकरण को लेकर शांति धारीवाल ने दावा किया कि परिवहन विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार है, जो खुलकर सामने आ गया है।

इसके बाद यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने एसीबी कार्यवाही को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि एसीबी के अधिकारी ऊपर से नहीं आए हैं, बल्कि सरकार के आदेश पर ही भेज रहे हैं।

इसके साथ ही खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने भी इस कार्रवाई का खुलकर विरोध किया, तो कांग्रेस के विधायक रामनारायण मीणा ने कहा कि भ्रष्टाचार जड़े जमा चुका है। कोई भी दूध का धुला हुआ नहीं है, शांति धारीवाल कमेटी को भाजपा राज के भ्रष्टाचार को क्लीन चिट नहीं देनी चाहिए थी, हम सुशासन देने के नाम पर सरकार में आए थे, लेकिन ऐसा नहीं कर पाए।

इस मामले को लेकर प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि एसीबी ने केवल एक इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा है, बाकी सबके घरों पर कार्रवाई की है पैसा निजी बस ऑपरेटर के यहां पर हुआ हुआ है, निर्दोष अधिकारियों को डरने की जरूरत नहीं है।

दूसरी तरफ सचिन पायलट ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि हम जब विपक्ष में थे, तब 45 हजार करोड़ का घोटाला हुआ था। जितने भी घोटाले हुए हम सब ने मिलकर विरोध किया खनन स्वीकृति निरस्त की गई। उस घोटाले पर भी सरकार और लोकायुक्त मिलकर जांच करें।

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सरकार में चल रहे हैं इस तरह के प्रकरण से भारतीय जनता पार्टी को बोलने का मौका मिल गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा है कि सरकार का अभी से यह हाल है तो बाकी के 4 साल कैसे निकलेंगे। परिवहन विभाग की इस कालिख से यह सरकार बच नहीं पाएगी। सरकार दलों में बंटी हुई है। साफ साफ नजर आ रहा है कि बेईमानी कहां हो रही है।

इस प्रकरण को लेकर सोमवार को विधानसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और विधायक अशोक लाहोटी समेत अन्य सदस्य खड़े हो गए और विधानसभा की कार्रवाई से वाकआउट किया गया।

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके खास मंत्री यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के द्वारा एसीबी की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किए जाने के बाद साफ हो गया है कि यह सरकार दो हिस्सों में डिवाइडेड है और काम करती हुई नजर नहीं आ रही है।