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राजस्थान में दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस (Congress) पार्टी के द्वारा वादा किया गया था कि सरकार गठन के 10 दिन के भीतर किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।

नतीजा यह हुआ है कि बीते 14 महीने के दौरान 14 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या कर ली है, जबकि कई किसानों की जमीन नीलाम करने के लिए बैंकों की तरफ से नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

जमीन नीलाम करने का एक मामला अब राज्य के लालसोट क्षेत्र में बामनवास का आया है, जहां पर आईसीआईसीआई बैंक ने कर्ज़दार किसान की ज़मीन की नीलामी की सूचना का नोटिस चस्पा किया है।

आईसीआईसीआई बैंक के माध्यम से बामनवास के एसडीएम ने नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा है कि “सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि आईसीआईसीआई बैंक लालसोट से केसीसी ऋण लिया था, वह समय पर जमा न करवाने के कारण बामनवास के एसडीएम द्वारा कुर्कसुदा जमीन की नीलामी के आदेश दिए गए हैं, के आदेशों की पालना में लिखें बकायादारों की कुर्कसुदा जमीन की नीलामी की तारीख को की जाएगी।”

बैंक ने आगे लिखा है कि, “आपको सूचित किया जाता है कि नीलामी लगाने वाले व्यक्ति निर्धारित तारीख पर आकर बोली लगाने वाली समाप्ति के बाद अंतिम बोली धारकों लगाई गई अंतिम बोली राशि का 25% मौके पर जमा कराना होगा, प्रत्येक बोलीदाता अमानत के तौर पर ₹1000 जमा करवाने होंगे। बोली का समय सुबह 12:00 बजे से शुरू हो जाएगा।”

बामनवास के एसडीएम की ओर से किए गए नोटिस में बताया गया है कि बकायादार किसान चंद्र प्रकाश मीणा पुत्र चेतराम मीणा की जमीन पर ₹706393 ब्याज समेत बाकी है।

बकाया समेत यह राशि 938939 बताई गई है, जबकि किसान चंद्र प्रकाश मीणा की कुल जमीन 3.73 हेक्टेयर ज़मीन की नीलामी की प्रक्रिया के लिए नोटिस लगाया गया है।

इससे पहले बीते दिनों अजमेर जिले के एक किसान की जमीन के लिए भी बैंक ने नीलामी नोटिस जारी किया था, जिस पर विवाद होने पर उसको वापस ले लिया गया था।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने दावा किया है कि राज्य के 2000000 किसानों का कर्जा माफ किया गया है, जबकि जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 69 लाख किसानों पर कर्जा है।

बामनवास एसडीएम के द्वारा किसान चंद्र प्रकाश मीणा की जमीन की नीलामी के लिए चस्पा किए गए नोटिस के बाद सरकार की नियत पर साफ तौर पर सवाल खड़े हो रहे हैं।