CM अशोक गहलोत PCC चीफ सचिन पायलट की लड़ाई का नतीजा है ACB की कार्रवाई? मंत्री खाचरियावास ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

ACB Raid on RTO in Jaipur (1.20 Crore rupees)
ACB Raid on RTO in Jaipur (1.20 Crore rupees)

जयपुर।
राजस्थान की एंटी क्रप्शन ब्यूरो द्वारा रविवार को परिवहन विभाग में ताबड़तोड़ 17 टीमें बनाकर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ही चर्चा आम है कि यह कोई निष्पक्ष कार्रवाई नहीं है, बल्कि सीएम अशोक गहलोत के द्वारा पीसीसी चीफ सचिन पायलट को पटखनी देने का एक और प्रयास है।

इस बात को पुख्ता किया है यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरिवास ने, जब उन्होंने एसीबी की कार्रवाई को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। गौरतलब है कि रविवार को एसीबी ने 6 आरटीओ अधिकारी, 9 डीटीओ और 6 दलालों को पकड़ा था, जिनसे 1.20 करोड़ रुपए की घूस बरामद की थी।

यह रुपया उनके द्वारा रोडवेज के रुट पर निजी बसों को अवैध रुप से चलाने के बदले लिए गए थे। कार्रवाई के बाद कांग्रेस में ही राजनीति गर्म हो गई। खाचरिवास को सचिन पायलट गुट का माना जाता है, जबकि गहलोत और पायलट के बीच शीतयुद्ध चरम पर है। ऐसे में कांग्रेसजनों का कहना है कि यह उसी का परिणाम है।

इधर, एसीबी ने अपना एक्शन जारी रखा। बताया जा रहा है कि एसीबी ने सोमवार को भी कुछ दलालों और आरटीओ कर्मचारियों को जद में लिया है। सरकार में इस तरह से दो धड़ों में बंटकर बयानबाजी का पहली बार मामला सामने आया है।

यह भी दीगर है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास ही गृहमंत्री का भी प्रभार है। एंटी क्रप्शन ब्यूरो गृह विभाग के अंतर्गत ही आता है। जिसके कारण यह सारा कनेक्शन जोड़कर देखा जा रहा है।

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उल्लेखनीय है कि सवा साल पहले जब अशोक गहलोत को सीएम बनाया जा रहा था, तब विपक्ष में खुलकर बोलने वाले प्रताप सिंह ही पहले विधायक थे। उन्होंने कहा था कि गहलोत कौन होते हैं मुख्यमंत्री तय करने वाले?