9 मांगों को लेकर राजस्थान कर्मचारियों ने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

महंगाई भत्ता एवं वेतन कटौती सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन आज

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अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आवाह्न पर राज्य कर्मचारी आज, 17 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में धरना प्रदर्शन कर महासंघ (एकीकृत) के 9 सूत्री प्रमुख मांग पत्र पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे। आंदोलन के दूसरे चरण में 24 फरवरी से 28 फरवरी तक महासंघ (एकीकृत) से संबद्ध सभी संगठन प्रदेश की राजधानी जयपुर में क्रमिक धरना देंगे।

इसके बाद भी यदि सरकार ने कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की अनदेखी की तो एक बड़े आन्दोलन की घोषणा की जाएगी। यह जानकारी महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने एक बयान में दी।

राठौड़ ने राज्य सरकार को आगाह किया है कि वह समय रहते कर्मचारियों की मांगों का समाधान करें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।

9 प्रमुख मांगें

(1) 30 अक्टूबर 2017 के वेतन कटौती के आदेश को निरस्त किया जाए।

(2) वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार को 31 जुलाई 2019 को प्रस्तुत सामंत कमेटी की रिपोर्ट को शीघ्र प्रकाशित किया जाए।

(3) प्रदेश के 7वें वेतन आयोग में ग्रेड पे 2400 और 2800 के लिए बनाए गए पे लेबल क्रमशः L-5, L-6 ,L-7 व L-8, L-9 को समाप्त कर केंद्र के 7वें वेतन आयोग के अनुरूप पे-मैट्रिक्स ग्रेड-पे 2400 लिए 25500- 81000 तथा ग्रेड पे 2800 के लिए पे-मैट्रिक्स 29200 – 92300 निर्धारित की जाए।

(4) एसीपी का लाभ 9, 18 व 27 वर्ष के स्थान पर 7, 14, 21, 28 व 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर पदोन्नति पद के समान दिया जाए।

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(5) वर्ष 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

(6) कांग्रेस के जन घोषणा पत्र- 2018 में कर्मचारी कल्याण के तहत की गई घोषणाओं के अनुरूप सभी संविदाकर्मी एवं अस्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

(7) पूर्व मंत्रिमंडलीय उपसमिति एवं अन्य समितियों द्वारा कर्मचारी संघों/ महासंघ (एकीकृत) एवं संयुक्त संघर्ष समिति के मांग पत्र पर लिए गए निर्णयों की पालना सुनिश्चित की जाए।

(8) कांग्रेस सरकार की वर्ष 2013 की घोषणा के अनुरूप मंत्रालयिक संवर्ग के 26000 पद सृजित किए जाए।

(9) जुलाई 2019 से देय 5% महंगाई भत्ते के आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।