राजस्थान विधानसभा जयपुर
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 – यात्री सुविधाएं करे बेहतर ताकि मिले अधिक यात्री भार, कार्मिकों को शीघ्र दें उनके बकाया लाभ, करें नई भर्ती

Jaipur news

पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री एवं विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश की जनता को सस्ती व सुरक्षित यात्रा के लिए बस सेवा उपलब्ध करा रही रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए राज्य सरकार को रोडवेज का रोड टैक्स व टोल टैक्स माफ कर देना चाहिए। 

देवनानी ने शुक्रवार को विधान सभा में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के वार्षिक प्रतिवेदन पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जिस प्रकार विधायकों, सांसदों व अन्य राजकीय विभागों के वाहनों को टोल टैक्स से छूट प्रदान की गई है, उसी तरह रोडवेज द्वारा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही आवागमन की सेवा को देखते हुए टोल टैक्स से छूट प्रदान करनी चाहिए। 

उन्होने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी प्रदेश की 5986 ग्राम पंचायतें रोडवेज की सेवाओं से वंचित है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने रोडवेज में दिनों-दिन बढते घाटे पर चिन्ता जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश में जनसंख्या बढ रही है तो यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ रही है, परन्तु रोडवेज का यात्रीभार कम हो रहा है।

इसका कारण निजी बसों के अवैध संचालन के साथ ही उनके द्वारा कम किराये पर अधिक सुविधाएं देना भी है। 
उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज के यात्रियों को मिल रही सुविधाओं में सुधार के बारे में सोचे व कर्मचारियों की भी चिन्ता करे।

आज प्रदेश में प्रतिवाहन कर्मचारियों का औसत 4.43 से घटकर 2.89 हो गया है। गत वर्षो में कई कर्मचारी सेवानिवृत हुए किन्तु नई भर्तियां नहीं की गई है।

सरकार को रोडवेज में नई भर्तियों के साथ ही कार्यरत कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का लाभ व सेवानिवृत कार्मिकों के बकाया परिलाभों का भी शीघ्र भुगतान कराना चाहिए।

इसके अतिरिक्त रोडवेज कार्मिकों के साथ किये जा रहे सौतेले व्यवहार के तहत उन्हें मात्र 60 उपार्जित अवकाश संचय करने की छूट है, जबकि अन्य राज्य कर्मचारियों को 300 उपार्जित अवकाश संचय करने की छूट है, जिसका भुगतान सेवानिवृति पर एकमुश्त किया जाता है।

उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी संतुष्ट होगा तो वह अधिक ईमानदारी व पूरी मेहनत के साथ काम कर सकेगा। रोडवेज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने व स्थानान्तरण की प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जानी चाहिए।

देवनानी ने कहा कि भारी घाटे में चल रही रोडवेज को इससे उबारने के लिए राज्य सरकार को कुछ कदम तत्काल उठाये जाने की आवश्यकता है।

आॅन लाईन टिकट बुकिंग की सेवाप्रदाता कम्पनी को बहुत अधिक राशि पर कान्टेक्ट दिया गया है, जबकि कम्पनी द्वारा जारी किये जाने वाले टिकट की संख्या के आधार पर भुगतान किया जाना चाहिए।

विज्ञापनों पर किये गये जा रहे खर्च को भी नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता है। समय-समय पर सरकार की घोषणानुसार विभिन्न वर्ग के यात्रियों को मुफ्त यात्रा अथवा किराये में छूट दी जाती है, जिसकी एवज में रोडवेज को दी जाने वाली राशि का पुनर्भरण सरकार को समय पर करना चाहिए।

तीर्थस्थलों के लिए अधिक बसें संचालित की जानी चाहिए ताकि अच्छा यात्रीभार मिल सके। 

उन्होंने कहा कि रोडवेज के पास कई स्थानों पर खाली भूमि उपलब्ध है। एअरपोर्ट आदि की तर्ज पर रोडवेज भी वहां पर दुकाने व माॅल आदि बनाकर आय अर्जित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि रोडवेज में घाटे के जो हालात है वो सभी दलों के लिए चिन्ता का विषय है तथा इसका समाधान निकाले जाने के लिए राजनीति से उपर उठकर विधान सभा की एक सर्वदलीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। 

अजमेर बस स्टेण्ड की भी ले सुध
देवनानी ने कहा अजमेर का बस स्टेण्ड भी वर्तमान में दुर्दशा का शिकार है। वहां पर यात्रियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है। यात्रियों के लिए वेटिंग रूम की आवश्यकता है।

सुलभ शौचालय का भवन काफी पुराना होने से यात्रियों की सुविधार्थ नया काम्पलैक्स बनाये जाने की आवश्यकता है।

अजमेर बस स्टेण्ड के सामने से अवैध निजी वाहन व टेक्सियां धड़ल्लें से सवारियां बैठाती है जबकि इस क्षेत्र को प्रशासन द्वारा नो पार्किंग घोषित किया हुआ है तथा वहीं पर पुलिस की गुमटी भी स्थित है, जहां हर वक्त पुलिसकर्मी तैनात रहते है। सरकार को इस ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।