राजस्थान के अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में से स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर, भाजपा (BJP) के संस्थापक और जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरें हटाने का आदेश दिया है

राजस्थान सरकार के इस आदेश के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि महापुरुष किसी पार्टी के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के और प्रदेश के होते हैं। जिस तरह से कांग्रेस (Congress) पार्टी राजनीति कर रही है, वह बेहद गलत परंपरा है और सरकार को इसमें के फैसले तुरंत वापस लेने चाहिए।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में सरकार ने तय किया है कि सरकारी स्कूलों में लगे हुए वीर सावरकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर को हटाया जाएगा। इन तस्वीरों को पिछली भाजपा (BJP) सरकार ने स्कूल में लगाने का फैसला किया था।

विधानसभा के अंदर और विधानसभा के बाहर सरकार को देखते हुए भाजपा (BJP) के विधायक और प्रदेश के पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि महापुरुषों को लेकर सरकार राजनीति कर रही है, और यह परंपरा बच्चों की शिक्षा के लिए बेहद खतरनाक है।

राज्य के अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार का मानना है कि वीर सावरकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं से सीखने के लिए बच्चों के पास कोई चीज नहीं है।