Sikar/jaipur news

राजस्थान में महिला अत्याचार 65 फ़ीसदी से ऊपर बढ़ चुका है। बीते करीब सवा साल के भीतर महिलाओं के प्रति अत्याचार में बढ़ोतरी हुई है। बलात्कार, गैंग रेप और रेप करने के बाद हत्या जैसे मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

राजधानी जयपुर के अलावा सीकर और तमाम जिलों में बालिकाओं के प्रति गैंग रेप और बलात्कार की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही है। सीकर में एक 14 वर्षीय मासूम के साथ पड़ोसी युवक ने बलात्कार करने के बाद गला घोट दिया, जिसकी 8 दिन बाद जयपुर के जेके लोन अस्पताल में जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक सीकर में बसंत मीणा नामक युवक ने उसके पड़ोस में ही रहने वाली 14 साल की मासूम बालिका के साथ उसी के घर में घुसकर बलात्कार किया। इस दौरान बलात्कारी ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए बलात्कार करने के बाद मासूम का गला घोंट दिया।

जानकारी के मुताबिक सीकर में अपने 12 साल के भाई के साथ माता पिता के बाहर जाने के बाद 14 वर्षीय बालिका अकेले घर पर थे। पड़ोस में रहने वाले बसंत मीणा ने उसके 12 साल के भाई को बिस्किट लेने के बहाने दुकान पर भेज दिया, और पीछे से बालिका के साथ बलात्कार किया और मामले का खुलासा नहीं हो इसके लिए उसका गला घोंट दिया दिया।

लगातार 8 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मासूम बालिका ने मंगलवार को देर रात जयपुर के जेके लोन अस्पताल में दम तोड़ दिया।

खास बात यह है कि स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करवाने के लिए दी गई एप्लीकेशन को भी थाना अधिकारी ने केवल अपने पास रखा, बल्कि बलात्कर के आरोपी को केवल पूछताछ के बाद वापस छोड़ दिया। अब आरोपी बसंत मीणा फरार है।

थाना अधिकारी के द्वारा की गई इस मूर्खतापूर्ण कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग बेहद उद्वेलित हैं और उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय में भी आज सुबह 11:00 बजे प्रदर्शन किया गया।

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने आरोपी बसंत मीणा को फांसी की सजा देने की मांग की, और इसके साथ ही थाना अधिकारी को बर्खास्त करने की भी मांग की।

दूसरी तरफ सीकर में पूर्व राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार के विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस (Congress) की सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।