इंटेलिजेंस की रिपोर्ट ने राजस्थान की कांग्रेस वाली अशोक गहलोत सरकार की नींद उड़ाई

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जयपुर के अल्बर्ट हॉल के बाहर मंगलवार को काग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी की जो रैली हुई, उसमें भले ही कांग्रेसी नेताओं के द्वारा एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ का दावा किया जा रहा हो, किंतु हकीकत यह है कि इस रैली में 20 हज़ार से अधिक लोग नहीं थे।

सरकार को मिली इंटेलिजेंट की रिपोर्ट और पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक अल्बर्ट हॉल के सामने जो रैली हुई, उसमें 20000 से भी कम लोग शामिल हुए थे, जबकि कांग्रेस ने एनएसयूआई को 25000 और युवा कांग्रेस को 20000 लोगों को शामिल करने के टारगेट दिए गए थे।

इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के बाद राजस्थान की कांग्रेस सरकार की नींद उड़ी हुई है। किंतु मजेदार बात यह है कि इसके बावजूद भी राजस्थान में कांग्रेस के नेता, खासतौर से जयपुर के विधायक और युवक कांग्रेस के नेताओं समेत एनएसयूआई के नेता भी भीड़ को लेकर श्रेय लेने की होड़ में लगे हुए हैं।

पुलिस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस रैली में 18 से लेकर 20000 लोग शामिल हुए थे, जबकि कांग्रेस के नेता एक लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने के दावे कर रहे हैं जो पूरी तरह से धराशाई हो गए हैं।

रैली में कम लोगों के आने के कारण सरकार ने अपने युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के साथ ही जयपुर के कांग्रेस विधायकों से भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि इसके सारे रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रभारी अविनाश पांडे के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को भी दी जाएगी।

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बता दें कि जयपुर शहर के 9 विधायकों में से 5 विधायक कांग्रेस पार्टी के हैं। जिनमें से तीन विधायक तो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से हैं, जिनको नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के नाम पर भी एकत्रित किया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं कर पाए।

आपको बता दें कि अल्बर्ट हॉल के सामने राहुल गांधी की रैली को लेकर पार्टी बीते 10 दिन से तैयारी कर रही थी। 6 दिन से तो यहां पर रोजाना, सुबह-शाम, दिनभर दाना चुगने वाले कबूतरों तक को बैठने नहीं दिया गया था।

इससे पहले रैली के वक्त युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चांदना और एनएसयूआई के अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया के द्वारा एक लाख से अधिक युवाओं की भीड़ होने का दावा किया गया था, किंतु पुलिस और इंटेलिजेंस की रिपोर्ट ने उनके दावों की पोल खोलकर रख दी है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए कार्य जोर-शोर पर चल रहा है। इसी को लेकर जयपुर की रैली रीलॉन्चिंग की लिए आयोजित की गई थी। किंतु जिस तरह से युवाओं ने इस रैली को फ्लॉप कर दिया, उसके बाद पार्टी एक बार फिर से विचार कर सकती है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक जयपुर शहर के 5 विधायकों, जयपुर शहर के अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास, युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चांदना और एनएसयूआई के अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया से भी भीड़ एकत्रित नहीं कर पाने के कारण रिपोर्ट मांगी गई है।

सूत्रों के मुताबिक कम होने की बात को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद भी परेशान दिखाई दिए और उन्होंने इसकी शिकायत अशोक गहलोत और पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट की है, इसीलिए पार्टी खासी चिंतित दिखाई दे रही है।

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