पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव-2020: तीसरे चरण के सरपंच चुनाव की सबसे बड़ी खबर

तीसरे चरण का मतदान बुधवार को, 60 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मताधिकार का इस्तेमाल, तीसरे चरण में 60 लाख 23 हजार 485 मतदाता डाल सकेंगे वोट, 10865 उम्मीदवार संरपच पद के लिए मैदान में, 8 हजार 500 से हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों से होंगे 49 पंचायत समितियों में चुनाव, 24 पर्यवेक्षकों की रहेगी चुनावी प्रक्रिया पर पैनी नजर।

जयपुर 28 जनवरी।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव-2020 में पंच-सरपंच के लिए तीसरेे चरण का मतदान बुधवार को प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान करवाया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली है।

तीसरे चरण की 49 पंचायत समितियों की 1700 ग्राम पंचायतों के 17516 वार्डों में मतदान करवाया जाएगा। इन 49 पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 60 लाख 23 हजार 485 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें से 31 लाख 33 हजार 97 पुरुष और 28 लाख 90 हजार 362 महिलाएं व 26 अन्य मतदाता शामिल हैं। सरपंच पदों के लिए मतगणना बुधवार को ही करवाई जाएगी। उप सरपंच के लिए चुनाव 30 जनवरी को करवाया जाएगा। गौरतलब है कि तृतीय चरण के 24 जिलों में 17 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त पीएस मेहरा ने मतदाताओं से निर्भय होकर बिना किसी डर व दबाव के मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता मतदान के लिए मतदान समाप्ति के अंतिम क्षण का इंतजार ना करे और समय रहते ही मतदान करें।

उन्होंने मतदाताओं से मतदान, मतगणना के दौरान एवं चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद शांति बनाए रखें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन की मदद करने की भी अपील की है।

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सरपंच के लिए 10 हजार 865 तो पंच के लिए 28 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

मेहरा ने बताया कि तीसरे चरण में 49 पंचायत समितियों की 1700 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए 17 हजार 620 उम्मीदवारों ने 17 हजार 713 नामांकन पत्र दाखिल किए। संवीक्षा के बाद इनमें से 16 हजार 910 नामांकन वैद्य पाए गए।

नाम वापसी की तिथि तक 6 हजार 28 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। प्रदेश के 24 जिलों में 17 सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इस तरह तृतीय चरण में सरपंच पद के लिए कुल 10 हजार 865 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे।

इसी तरह पंच पद के लिए प्रदेश के 24 जिलों के 1700 ग्राम पंचायतों के 17 हजार 516 वार्डों में 45 हजार 754 उम्मीदवारों ने 45 हजार 770 नामांकन पत्र दाखिल किए। संवीक्षा के बाद 44 हजार 620 उम्मीदवारों के नामांकन वैद्य पाए गए।

इनमें से 9 हजार 444 उम्मीदवारों ने नाम वापसी के दिन अपने नाम वापस ले लिए। तीसरे चरण में प्रदेश भर में 6 हजार 953 पंच निर्विरोध चुन लिए गए हैं।

वर्तमान में 28 हजार 223 उम्मीदवार पंच पद के लिए मैदान में रहेंगे। पंच के 31 वार्डों के लिए या तो आवेदन नहीं मिले या मिले तो वैद्य नहीं पाए गए।

8.5 हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों से होंगे चुनाव

तीसरे चरण के चुनाव में 8 हजार 500 से ज्यादा ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगे। सभी संस्थाओं के चुनाव में लगभग 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व में रखी गई हैं।

उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान मशीनों में किसी भी तरह की परेशानी आने पर प्रत्येक जिले में भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रोनिक्स काॅरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियर्स हर समय उपलब्ध रहेंगे।

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आयुक्त कार्यालय में भी इंजीनियर तकनीकी मदद के लिए सजग रहेंगे। मशीनों की देखरेख के लिए इंजीनियर्स 10 जनवरी से ही जिलों में पहुंच गए हैं।

वोटर आईडी कार्ड नहीं हो तो वैकल्पिक दस्तावेजों से कर सकेंगे मतदान

आयुक्त ने कहा कि मतदान के लिए प्रत्येक मतदाता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र अपने साथ जरूर लाएं। इनके अभाव में 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर भी मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं।

ये दस्तावेज निम्न हैं-

आधारकार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, आयकर पहचान पत्र (पीएएन), मनरेगा जाॅब कार्ड, सांसदों, विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, राज्य या केन्द्र सरकार राज्य पब्लिक लिमिटेड कंपनी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक, पेंशन अदायगी आदेश, भूतपूर्व सैनिक विधवा या आश्रित प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन आदेश या विधवा पेंशन आदेश (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण पत्र (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सहकारी बैंक या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक (निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने की तिथि से पूर्व जारी)।

गौरतलब है कि 17 और 22 जनवरी को हुए दो चरणों के चुनाव में मतदाताओं ने भारी जोश के साथ मतदान किया। पहले चरण में जहां 81.51 प्रतिशत मतदाताओं ने तो दूसरे चरण में 82.78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

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